समृद्धि न्यूज। बिहार के समस्तीपुर के सरायरंजन में केएसआर कॉलेज के पास सडक़ पर वीवीपैट पर्चियां बिखरी मिलीं। जिसे लेकर आरजेडी ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ हल्ला बोल दिया। वहीं जिलाधिकारी व निर्वाचन पदाधिकारी रौशन कुशवाहा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सरायरंजन थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से बताया गया कि ये मॉक पोल की पर्चियां थी, जिनके निस्तारण में असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से लापरवाही बरती गई थी। बताया गया कि इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि 8 नवंबर की सुबह ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां देखीं। इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली।
कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के… pic.twitter.com/SxOR6dd7Me
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) November 8, 2025
इस मामले में अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। समस्तीपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधिकारी) को घटनास्थल पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक बयान जारी करके स्पष्ट किया है कि ये वीवीपैट पर्चियां मॉक पोल के दौरान उपयोग की गई थीं, जिन्हें निस्तारित करने में एआरओ द्वारा लापरवाही बरती गई। इससे वास्तविक मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं राजद प्रत्याशी अरविंद सहनी ने इस घटना को चुनाव आयोग की लापरवाही और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया है। उन्होंने कहा कि मतगणना से पहले ही इस तरह की घटनाएं जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान हुआ था, सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में भी पहले चरण में वोट डाले गए थे, वास्तविक वोटिंग से पहले हर बूथ पर मॉक पोल होता है, ताकि ईवीएम और वीवीपैट ठीक से काम कर रहे हैं इसकी जांच हो सके और चुनाव कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा सके, वोटिंग के दो दिन बाद शीतलपट्टी गांव में वीवीपैट से निकली पर्चियां कूड़े में पाई गईं, इसे लेकर महागठबंधन में शामिल दल निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं हैं।
