समृद्धि न्यूज। ब्रह्मपुत्र नदी के लाचित घाट पर भारतीय वायुसेना ने अपनी 93वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भव्य एयर शो का आयोजन किया। इस दौरान राफेल, सुखोई, तेजस और मिराज जैसे लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरकर आसमान को देशभक्ति के रंगों में रंग दिया। इस साल वायुसेना दिवस की थीम अचूक, अभेद्य और सटीक है, यह एयर शो न केवल वायुसेना की ताकत का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।
भारतीय वायु सेना ने 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गुवाहाटी में पहला पूर्ण पैमाने का एयर शो आयोजित किया, जिसमें 75 से अधिक विमान और हेलिकॉप्टर्स ने ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। पूर्वोत्तर में यह पहला एयर शो था, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और युवाओं को वायु सेना से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में असम के राज्यपाल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। दोनों तटों से हज़ारों दर्शक इस ऐतिहासिक नज़ारे के साक्षी बने जहां हर उड़ान ने भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और तकनीकी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
एयर चीफ मार्शल ने कहा, मैं वास्तव में इस तरह के उत्साह और प्रतिक्रिया से हैरान हूं। पूर्वोत्तर अब कोई दूरदराज की जगह नहीं रही। प्रदर्शन करने वाली विभिन्न टीमें हमेशा से यहां आती रही हैं और यह पहली बार है कि हमने पूर्वोत्तर भारत में वायु सेना दिवस का आयोजन किया।
वायु सेना की ओर से पूर्वोत्तर भारत में अभ्यास के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा, अभ्यास नियमित रूप से होते रहते हैं। ऐसा नहीं कि किसी खास उद्देश्य के लिए कुछ हो रहा है।
93rd Air Force Day: ब्रह्मपुत्र के सीने पर जब गरजे राफेल और तेजस
