समृद्धि न्यूज। हरियाणा के फरीदाबाद में आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 360 किलो विस्फोटक बरामद किया है। इसके बाद छानबीन में फतेहपुर तगा गांव से 2550 किग्रा विस्फोटक सामग्री मिली है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ0 मुज्जमिल और एक इमाम गिरफ्तार किया है। कश्मीरी डॉक्टर आदिल अहमद राथर को जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में डॉक्टर आदिल ने फरीदाबाद में विस्फोटक होने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने यह बरामदगी की। एक और डॉक्टर मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया है। फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुुमार गुप्ता ने बताया कि यह एक संयुक्त ऑपरेशन है जो हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच चल रहा है। इस ऑपरेशन के तहत फरीदाबाद के धौज में एक आरोपी डॉ0 मुजम्मिल को पकड़ा गया है। लगभग 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया है। यह आरडीएक्स नहीं है। पुलिस ने छानबीन में अल्फलाह मेडिकल कॉलेज से 3 किलोमीटर आगे फतेहपुर तगा गांव में इमाम के घर रेड शुरू की। फतेहपुर तगा गांव से भी 2550 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया है। ये मकान भी मुज्जमिल ने ही किराए पर लिया हुआ था। वहीं दूसरी ओर गुजरात से गिरफ्तार आतंकियों ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने अहमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली में आतंकी हमलों की साजिश रची थी, जिसमें भीड़भाड़ वाले इलाकों और आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने की योजना थी। आतंकी जहर से बड़े नरसंहार की तैयारी में थे।
बड़े हमले की थी साजिश: केशव मौर्य
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि देश के सुरक्षा एजेंसियां राष्ट्र के दुश्मनों का पता लगा रही हैं। यह देश में एक बड़े हमले की साजिश थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के दुश्मन हर तरह की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उन सभी प्रयासों को विफल करती हैं। यह एक बड़ी सफलता है।
#WATCH | On 360 kg of possible ammonium nitrate, assault rifle and other ammunition recovered by in Haryana's Faridabad, UP Deputy CM K.P. Maurya says, "…Our security agencies are finding out enemies of the nation. Enemies of the nation make all attempts but security agencies… pic.twitter.com/PFd6i7ukuT
— ANI (@ANI) November 10, 2025
लोगों को बनाया जा रहा स्लीपर सेल
वहीं यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा यह सब कुछ टच एंड गो0जैसा था। यह एक वेक-अप कॉल है कि दुश्मन हमारे दरवाजों के अंदर है। यदि वे तीन क्विंटल विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर सकते थे, तो कल्पना कीजिए कि इसका विनाशकारी प्रभाव क्या होता और 300 किलो की विनाशकारी शक्ति कितनी होती।
#WATCH | Lucknow, UP | On the recovery of 360 kg of possible ammonium nitrate from Faridabad, Former DGP Vikram Singh says, "… It was something like touch and go… This is a wake-up call that the enemy is inside the gates. If they could smuggle three quintals of explosive… pic.twitter.com/pgEa2ZnvUf
— ANI (@ANI) November 10, 2025
पुलिस आयुक्त ने भी बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी डॉ0 मुज्जमिल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। बरामद की गई सामग्री में एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 83 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, आठ बड़े और चार छोटे सूटकेस, और एक बाल्टी शामिल है, जिसमें से लगभग 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुई है। इसके अलावा, 20 टाइमर बैटरियां, 24 रिमोट, लगभग 5 किलोग्राम भारी धातु, वॉकी-टॉकी सेट, इलेक्ट्रिक तार, बैटरियां और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह आरडीएक्स नहीं है, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट है। बरामद की गई राइफल एके47 जैसी है, लेकिन उससे थोड़ी छोटी है।
#WATCH | On a large quantity of IED-making material & ammunition recovered by J&K Police during investigation from Faridabad, Faridabad CP Satender Kumar says, "One assault rifle with 3 magazines and 83 live rounds, one pistol with 8 live rounds, two empty cartidges, two… pic.twitter.com/eBBKkqGpI5
— ANI (@ANI) November 10, 2025
गुजरात: राइसिन जहर से तीन बड़े शहरों पर हमले का था प्लान
वहीं दूसरी ओर गुजरात से गिरफ्तार आतंकियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। आतंकियों ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। आतंकियों ने हमले की तैयारी के लिए अहमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों की रेकी की थी और आतंकी घटनाओं से इन्हें दहलाने की साजिश भी रची थी। पूछताछ में आतंकियों के मंसूबे सुनकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर आ गईं हैं। आतंकियों के मुताबिक अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों का नक्शा तैयार किया गया था।
वहीं लखनऊ में आरएसएस के कार्यालय को भी निशाना बनाने के मंसूबे थे। दिल्ली में आतंकियों की नजरें आजादपुर मंडी इलाके पर थी, प्रारंभिक जांच में पता चला कि आतंकी राइसिन नामक जहर बना रहे थे जिससे हजारों लोगों को जान से मारने की तैयारी थी। पुलिस पूछताछ में एक अहम खुलासा यह भी हुआ था कि आतंकवादी आजाद शेख एक हफ्ते तक जम्मू-कश्मीर में रहा था, जहां पर उसने कुछ संवेदनशील इलाकों की जानकारियां भी जुटाईं थीं। आतंकियों ने हर जगह पर मौसम, शहरी बनावट और ट्रैफिक की पुख्ता जानकारी जुटाई थी इसके बाद ही आतंकी योजनाएं बनाना शुरू किया था। सभी आतंकी पाकिस्तान से संपर्क में थे और अपने आकाओं के इशारों पर काम कर रहे थे, पाकिस्तानी आकाओं के इशारों पर ही आतंकियों ने भारत में बड़े नरसंहार की योजना रची थी।
