समृद्धि न्यूज। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ है। मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां धर्म ध्वज की स्थापना मंदिर के शिखर पर की। अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा की स्थापना से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। धर्म ध्वजा की स्थापना को भारत के अल्पसंख्यकों और मुस्लिम सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरा बताने के पाकिस्तान के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह पर पाकिस्तान की टिप्पणी को सख्ती से खारिज करते हुए उसे अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान देने की नसीहत दी। चीन द्वारा अरुणाचल निवासी भारतीय नागरिक की मनमानी हिरासत पर भारत ने बीजिंग और दिल्ली में कड़ा विरोध जताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कट्टरता, दमन, अल्पसंख्यकों के साथ प्रणालीगत दुव्र्यवहार के गहरे दागदार रिकॉर्ड के साथ, पाकिस्तान के पास दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक आधार नहीं है। उन्होंने कहा, पाखंडपूर्ण उपदेश देने के बजाय, पाकिस्तान को अपने स्वयं के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पाकिस्तान ने कहा था कि जिस जगह पहले बाबरी मस्जिद थी, वहां अब राम मंदिर बनाया गया है, पड़ोसी मुल्क ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद कई सदियों पुरानी धार्मिक जगह थी। छह दिसंबर 1992 को इसे भीड़ ने गिरा दिया था। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने 22 जनवरी 2024 को हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की भी निंदा की निंदा की थी। उस समय पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि हम अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की निंदा करते हैं। यह मंदिर बाबरी मस्जिद को तोडक़र बनाया गया है। वहीं प्रेमा थांगडोक मामले पर भारत ने चीन को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि शंघाई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर वैध पासपोर्ट के साथ जापान की ओर यात्रा कर रहीं अरुणाचल निवासी भारतीय नागरिक की मनमानी हिरासत के मुद्दे पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि चीन चाहे जितना इनकार करेए अरुणाचल की भारतीय पहचान नहीं बदल सकती। रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि भारतीय नागरिक के हिरासत का मुद्दा चीनी पक्ष के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया गया है। उन्होंने कहा, मैं फिर से कहना चाहता हूं, बॉर्डर इलाकों में शांति और अमन-चैन बनाए रखना भारत-चीन बाइलेटरल रिश्तों के लगातार और ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए एक जरूरी शर्त है। यह बात हमेशा बहुत साफ और एक जैसी रही है। अक्टूबर 2024 से दोनों पक्षों ने बॉर्डर इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम किया है। इसी आधार पर लोगों से जुड़े कामों पर ध्यान देने के साथ तरक्की हुई है। भारतीय नागरिक के साथ चीन की मनमानी हरकतें दोनों पक्षों द्वारा आपसी भरोसा और समझ बनाने और धीरे-धीरे आपसी रिश्तों को नॉर्मल बनाने की कोशिशों के लिए बहुत नकारात्मक हैं।
चीन को दो टूक-पाकिस्तान को लताड़: अयोध्या पर टिप्पणी करने वाले पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब
