राजस्थान के बाड़मेर में मिले रेयर अर्थ मिनरल्स, करेगा चीन का खेल खत्म!

समृद्धि न्यूज। दुनिया में जब भी रेयर अर्थ मिनरल्स की चर्चा होती है तो सबसे पहला नाम आता है चीन का। यह वही देश है जिसके खनिज भंडार इतने विशाल हैं कि अमेरिका जैसे महाशक्तिशाली राष्ट्र भी उससे सीधी टक्कर लेने से पहले सोचने पर मजबूर हो जाते हैं। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बावजूद चीन को उस स्तर पर निशाना न बनाए जाने के पीछे इसकी यही रेयर अर्थ शक्ति मानी जाती है। अब बाड़मेर का सिवाना क्षेत्र अब रेयर अर्थ खनिजों का नया वैश्विक केंद्र बनकर सामने आ रहा है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में नियोबियम समेत कई महत्वपूर्ण खनिजों के अत्यधिक घनत्व वाले विशाल भंडार का खुलासा हुआ है, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, रॉकेट तकनीक, रक्षा प्रणाली और परमाणु ऊर्जा में होता है। यह खोज चीन की रेयर अर्थ पर एकाधिकार शक्ति को चुनौती देने वाली मानी जा रही है। सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में करीब 900 अरब से अधिक मूल्य के खनिज मौजूद हैं, जिनके ऑक्शन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। रेयर अर्थ तत्व सिर्फ खनिज नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकी दुनिया की नींव हैं। इस पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां, एयरोस्पेस, हाई-टेक मिसाइल सिस्टम, रॉकेट टेक्नोलॉजी, लेजर, सुपरकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा सभी इन पर निर्भर है। चीन के पास इनका सबसे बड़ा भंडार है और उसने वर्षों तक इन्हें सामरिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया। यही कारण है कि अमेरिका और पश्चिमी देश व्यापार युद्ध में भी चीन के साथ सतर्क रहते हैं। चीन की ये मोनोपली अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं हैं। बाड़मेर के सिवाना क्षेत्र के कमठाई, दांता, थापन, भाटीखेड़ा, राखी फूलन और लंगेरा की पहाडिय़ों में मिले खनिजों को 900 अरब रुपये से अधिक का आंका गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यहां करीब 6,000 मेट्रिक टन उत्पादन क्षमता मौजूद है। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रेयर अर्थ बाजार में नई प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में स्थापित करेगा। बाड़मेर के सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में गैलेनियम, रूबीडियम, इप्रीयम, थोरियम, यूरेनियम, सीरियम, टिलूरियम, यूरेनियम सहित करीब 15 प्रकार के खनिज हैं जो भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक लेंथोनोइट गु्रप के हैं। इसका उपयोग सुपर कंडक्टर, हाई प्लग्स, मैग्नेट, इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसिंग, ऑयल रिफाइनरी में केटिलिस्ट, हाईब्रिड कार कंपोनेंट एवं बैटरी के लिए किया जाता है। कैंसर दवा, बैटरी, लेजर, एरोस्पेस के लिए भी यह उपयोगी है। भू वैज्ञानिकों की मानें तो सिवाना के भाटीखेड़ा ब्लॉक के ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और यह क्षेत्र अगले 25 सालों तक भारत की तकनीकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

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