शामली। जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। बावरिया गिरोह का कुख्यात सरगना और सवा लाख का इनामी बदमाश मिथुन पुलिस की गोली लगने से ढेर हो गया, जबकि उसका साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से जमकर गोलियां चलीं। एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए। जिन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगकर निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात में सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी घटना को अंजाम की तैयारी में हैं। झिंझाना पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया, जबकि उसका साथी राहुल मौके से फरार हो गया। घायल हेड कांस्टेबल हरविंदर को ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बदमाश के पास से एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद हुई है। मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कांवड़ यात्रा के दौरान उसने बागपत में महिला से लूट की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह लगातार अपराध करता रहा। उसके खिलाफ हत्या और लूट समेत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि मिथुन वारदात के बाद पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, साउथ दिल्ली, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में शरण लेता था। उसने कई राज्यों में अलग-अलग नामों से पहचान बनाकर अपराध किए और तमिलनाडु में भी उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
शामली मुठभेड़: बावरिया गिरोह का सरगना सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर
