फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। वीर बाल दिवस पर नगर में प्रभात फेरी निकाली गई। मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत ने प्रभात फेरी पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पूर्व जिलाध्यक्ष रुपेश गुप्ता, अरविंद बाथम, संजीव गुप्ता ने प्रभात फेरी में भाग लिया। सरदार तोषित प्रीत सिंह ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। वीर बाल दिवस के बारे में तोषित प्रीत सिंह ने बताया कि सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों-जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों ने बहुत कम उम्र में धर्म, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे, उनका साहस आज भी देश को प्रेरणा देता है।
सन् 1705 के आसपास पंजाब में मुगल शासकों का अत्याचार बढ़ गया था। मुगल सेना गुरु गोबिंद सिंह जी को पकडऩा चाहती थी, इस कारण गुरु जी को अपने परिवार से अलग होना पड़ा। उनके दो बड़े पुत्र, साहिबजादा अजित सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह, मुगल सेना से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी, लेकिन उनका साहस अद्भुत था। गुरु गोबिंद सिंह जी की माता, माता गुजरी अपने दो छोटे पोतों, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के साथ छिपकर रह रही थीं। दुर्भाग्य से वे मुगलों के हाथों पकड़ लिए गए। मुगल शासकों ने दोनों छोटे साहिबजादों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला, लेकिन उन्होंने सिख धर्म छोडऩे से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें दीवार में जिंदा चिनवा दिया गया। यह घटना भारतीय इतिहास की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है। अपने पोतों की शहादत का समाचार सुनकर माता गुजरी जी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। साथ ही प्रभात फेरी लोहाई रोड स्थित गुरुद्वारा तक निकाली गई। जहां समापन हुआ। गुरुद्वारा में ज्ञानी द्वारा शबद कीर्तन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने गुरुद्वारा में माथा टेका और वीर बाल दिवस के बारे में विचार रखे।
वीर बाल दिवस पर नगर में निकाली गई प्रभात फेरी
