वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह का बड़ा बयान: पाकिस्तान के 5 एफ-16 एयरक्राफ्ट, किए थे ध्वस्त

समृद्धि न्यूज। पाकिस्तान के फर्जी दावों का भंडाफोड़ करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमारे पास सबूत हैं कि उनका एक सी-130 श्रेणी का विमान, कम से कम चार से पांच लड़ाकू विमान, जिनमें एफ-16 शामिल हैं। इनके साथ ही एक एसएएम सिस्टम को भी तबाह किया गया। हमारे सिस्टम से ये जानकारी मिली है।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के एयरबेस पर हमला कर 4-5 एफ-16 एयरक्राफ्ट नष्ट किए। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि यह युद्ध इतिहास में दर्ज होगा, जो निर्धारित उद्देश्य के साथ शुरू होकर समाप्त हुआ।

एयरचीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि पाकिस्तान अपने लोगों को मनोहर कहानियां सुना रहा था, तो उसे सुनाने दीजिए। उसे भी तो अपने लोगों को कुछ कहना है। 3-4 दिन तक चले इस ऑपरेशन में हमने टार्गेट पर बिल्कुल सटीक निशाना लगाया। 300 किलोमीटर तक हमारे एयरक्राफ्ट पाकिस्तान के अंदर तक गए और ऑपरेशन किया। तीनों सेनाओं ने मिलकर बेहतरीन तालमेल के साथ ऑपरेशन सिंदूर को पूरा किया।

वायुसेना प्रमुख बोले हम देख रहे हैं कि दुनिया में क्या हो रहा है। दो युद्ध चल रहे हैं और हाल-फिलहाल उनके खत्म होने की कोई चर्चा नहीं है, लेकिन हमने पाकिस्तान को उस स्थिति में पहुंचा दिया, जहां वह संघर्षविराम के लिए गिड़गिड़ाए और हमले रोकने की मांग करे। हमने एक राष्ट्र के तौर पर फैसला करते हुए हमले रोके क्योंकि हम जो चाहते थे, हम वो कर चुके थे। मुझे लगता है कि ये कुछ ऐसा है, जो दुनिया को हमसे सीखना चाहिए। हमने उनके कई एयरफील्ड और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हमारे हमलों के चलते उनके कम से कम चार रडार्स, दो कमांड और कंट्रोल सेंटर, दो जगहों पर रनवे, तीन अलग-अलग जगहों पर स्थित उनके हैंगर्स को नुकसान पहुंचाया। हमारे पास सबूत हैं कि उनका एक सी-130 श्रेणी का विमान, कम से कम चार से पांच लड़ाकू विमान, जिनमें एफ-16 शामिल हैं, इनके साथ ही एक एसएएम सिस्टम को भी तबाह किया गया। हमारे पास इसके पुख्ता सबूत हैं और हमारे सिस्टम से ये जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, हमारे लंबी दूरी के एसएएम जिन्हें हमने हाल ही में खरीदा था और जिनका संचालन शुरू किया था, हम उनके क्षेत्र में अंदर तक देख सकते थे। हम यह सुनिश्चित कर सकते थे कि वे एक निश्चित दूरी तक अपने क्षेत्र में भी ऑपरेशन न कर सकें। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में हमने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्होंने गगन यान और शुभांशु शुक्ला की तारीफ की।

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