समृद्धि न्यूज। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हालात युद्ध जैसे हो गए थे। ड्रोन हमलों और सीमा पर संघर्ष के बीच भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर भारी दबाव बनाया। वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के अनुसार, भारत द्वारा खरीदे गए एस-400 और लंबी दूरी के एलआर-एसएएम सिस्टम गेमचेंजर साबित हुए। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर एक कार्यक्रम में बात करते हुए वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि एस-400 इस ऑपरेशन में हमारे लिए गेम चेंजर साबित हुआ। उन्होंने ये भी साफ किया कि दुश्मन का कोई भी विमान हमारी सीमा नहीं घुस सका और जिसने भी सीमा पार की, उसे वहीं ढेर कर दिया गया था। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, एस-400 की रेंज दुश्मन के हथियारों की रेंज से ज्यादा थी। इसी वजह से वे हमारे हथियारों की मारक दूरी तक भी नहीं पहुंच पाए और जो विमान आगे बढ़े, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा। यह हमारे लिए एक गेम चेंजर साबित हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऐसी रणनीति अपनाई कि दुश्मन अपने ही इलाके में विमान संचालित करने से डरने लगा। इससे भारत को निर्णायक बढ़त मिली। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब बालाकोट स्ट्राइक हुई थी तो वायुसेना से बार बार पूछा गया था कि हम अपने लोगों से तो ज्यादा पूछते हैं, लेकिन दूसरों के बारे में कम सोचते हैं, इसलिए बार बार पूछा गया कि कुछ दिख नहीं रहा है, मुझे लगता है कि सबसे अच्छी चीजों में से एक ये थी कि राजनीतिक इच्छाशक्ति थी, हमारे नेतृत्व ने हमें स्पष्ट निर्देश दिए और कोई प्रतिबंध नहीं लगाए गए। हमें योजना बनाने की पूरी आजादी दी गई और एकजुटता थी। तीनों सेनाएं एक साथ बैठी थीं, एक साथ चर्चा कर रही थी, एक साथ योजना बना रही थीं।
#WATCH | Delhi: On Operation Sindoor, Indian Air Force chief Air Chief Marshal AP Singh says, "Long range LR-SAM that we had bought, S-400, they turned out to be a game changer in this. Their long-range radars and missile systems could threaten the enemy aircraft well inside… pic.twitter.com/yjYJcAAudM
— ANI (@ANI) September 19, 2025
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि आज जो मुख्य युद्ध चल रहे हैं, चाहे वह रूस हो, यूके्रन हो या इजराइल युद्ध। वे चल रहे हैं, सालों बीत गए हैं, क्योंकि कोई भी संघर्ष समाप्ति के बारे में नहीं सोच रहा है। हमने सुना है कि लोग कह रहे हैं कि नहीं, हमें थोड़ा और करना चाहिए था, हमने युद्ध बहुत जल्दी रोक दिया। हां, वे पीछे हट गए थे, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हमारे उद्देश्य क्या थे, हमारा उद्देश्य आतंकवाद-विरोधी था। हमें उन पर प्रहार करना ही था, हमने वह किया तो अगर हमारे उद्देश्य पूरे हो गए हैं, तो हम संघर्ष क्यों न समाप्त करें। हम इसे जारी क्यों रखें, क्योंकि किसी भी संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। भारत ने ये कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत से संघर्षविराम की गुहार लगाई थी।
