समृद्धि न्यूज। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने कहा कि अगर अमेरिका भारत को नजरअंदाज करता है, तो यह बड़ी रणनीतिक आपदा होगी। उन्होंने कहा कि भारत ही चीन का मुकाबला करने में अमेरिका का सबसे मजबूत और लोकतांत्रिक साझेदार बन सकता है।
ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत का संबंध टूटने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाना चाहता है तो उसे भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारना होगा। हेली ने बुधवार को एक पत्रिका लेख में लिखा कि ट्रंप प्रशासन को अमेरिका और भारत के साझा को लक्ष्यों नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को चीन की वेश्विक महत्वाकांक्षाओं को नियंत्रित करना है और चीन का सामना करना है तो अमेरिका के पास भारत जैसा एक मित्र होना ही चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत को चीन जैसा विरोधी नहीं, बल्कि एक मूल्यवान स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार मानना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका भारत के साथ पिछले 25 वर्षों से बने संबंधों की रफ्तार रोकता है, तो यह एक रणनीतिक आपदा होगी। अमेरिका को यह समझना होगा कि अगर एशिया में चीन का मुकाबला करना है तो भारत ही एकमात्र देश है जो यह संतुलन बना सकता है। हेली ने तर्क देते हुए कहा कि वाशिंगटन के आर्थिक और सुरक्षा लक्ष्यों के लिए भारत के साथ अच्छे संबंध होना बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ अमेरिका चीन से अपनी सप्लाई चैन हटाना चाहता है, वहीं भारत इसकी पूर्ति करने में सक्षम हैं। भारत कपड़े, सस्ते फोन और सोलर पैनल जैसे उत्पाद बड़े स्तर पर बना सकता है, जिन्हें अमेरिका खुद तुरंत या बड़े पैमाने पर नहीं बना सकता। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन को अतिरिक्त टैरिफ और रूसी तेल विवाद की वजह से विश्व दो बड़े लोकतंत्रों के बीच दरार पैदा नहीं होने देने चाहिए।
हेली ने अपने लेख में लिखा की जिस तरह से भारत का उदय हो रहा है, वह जल्द ही चीन के प्रभाव को पीछे छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीधे शब्दों में कहे तो, भारत की शक्ति बढऩे के साथ साथ चीन की महत्वाकांक्षाएं भी कम होंगी। हेली ने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच सीधी बातचीत हो ताकि दोनों देशों के बिगड़ रहे संबंधों को सुधारा जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो बीजिंग इस दरार का फायदा उठाएगा, जो अमेरिका के एक बहुत बड़ी गलती होगी।
अमेरिकी राजनयिक ने ट्रंप को सुनाई खरी खरी, भारत मूल्यवान साझेदार, मजबूत रिश्ते में खटास रणनीतिक आपदा
