हमले के बाद अमेरिका का बड़ा बयान, 125 फाइटर जेट,14 बंकर-बस्टर बम, 25 मिनट में तबाह किए ईरान के परमाणु ठिकाने

समृद्धि न्यूज। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सैन्य ऑपरेशन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर नाम से एक बेहद गुप्त और सटीक हमला किया। इसमें ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया गया।

इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने पेंटागन में दी। इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में अमेरिका की एंट्री हो चुकी है।

अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक सफल हमला बताया है। इस हमले के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि ये लड़ाई अमेरिका बनाम ईरान की हो सकती है, लेकिन इस बीच अमेरिका की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन की तरफ से कहा गया कि अमेरिका ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर बमबारी के बाद उसके साथ युद्ध नहीं करना चाहता। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने रविवार को कहा कि अमेरिका ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर रात में अचानक हुए हमले के बाद उसके साथ युद्ध नहीं चाहता।

125 से ज्यादा विमान थे शामिल

125 से ज्यादा अमेरिकी विमान शामिल इनमें बमवर्षक, फाइटर जेट, टैंकर (तेल भरने वाले विमान) और जासूसी विमान शामिल थे। इसमें बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल हुआ, जो मिसौरी से उडक़र आए थे। हर बमवर्षक ने 30,000 पाउंड वजन के खास बम गिराए, बंकर-बस्टर बम के तौर पर जाने जाते हैं। ये बम जमीन के भीतर छिपे ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम हैं। ये हमला रात 6:40 बजे (पूर्वी समयानुसार) शुरू हुआ और सात बजे तक सभी विमान ईरानी हवाई क्षेत्र से निकल चुके थे। इस मिशन को 9/11 के बाद बी-2 बमवर्षकों की सबसे लंबी उड़ान बताया गया है।

हमारा सहयोगी इजराइल भी था शामिल

पीट हेगसेथ ने बताया कि इस ऑपरेशन की तैयारी में इजराइल ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा इस हमले में दिशाभ्रम, धोखे की रणनीति और बहुत ही उच्च स्तरीय ऑपरेशनल सुरक्षा शामिल थी। हमारे बी-2 बमवर्षक आए और गए और दुनिया को भनक तक नहीं लगी। उन्होंने आगे बताया कि इस ऑपरेशन में इतिहास में पहली बार एमओपी जैसे भारी बमों का इस्तेमाल किया गया। इन बमों का वजन करीब 30,00 पाउंड है, जो जमीन के नीचे बने बंकरों को भी तबाह कर सकते हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले: ईरान ने हमला किया तो करारा जवाब देंगे

पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि ईरान की ओर से किसी भी जवाबी कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने ईरान पर हमलों में शामिल अमेरिकी सैन्य कर्मियों के काम की तारीफ की। हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प का मकसद शांति है। उन्होंने साफ कहा है कि वो परमाणु हथियार नहीं चाहते, वो शांति चाहते हैं और ईरान को भी वही रास्ता चुनना चाहिए।

उपराष्ट्रपति वेंस का भी सामने आया बयान

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में नहीं है, बल्कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ युद्ध में हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों ने उसके परमाणु कार्यक्रम में काफी देरी की है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी, ईरान के साथ युद्ध में नहीं हैं।

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