एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं पड़ पायी विद्युत लाइन
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। कस्बा अमृतपुर स्थित तहसील मुख्यालय परिसर बीते एक वर्ष से अंधकार में डूबा हुआ है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर स्थित तहसील गेट से लेकर पुराने बस स्टॉप तक विद्युत लाइन बिछाने का प्रस्ताव लगभग एक वर्ष पूर्व तैयार किया गया था, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कई मंचों से यह दावा कर चुके हैं कि बिजली विभाग के पास बजट की कोई कमी नहीं है, उसके बावजूद अमृतपुर तहसील की यह एलटी लाइन अब तक नहीं बन पाई। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि इस लाइन के लिए बजट की व्यवस्था नहीं हो पा रही है और यदि किसी जनप्रतिनिधि के माध्यम से बजट स्वीकृत हो जाए तो काम शुरू किया जा सकता है।
इस संबंध में जिले के सांसद, एमएलसी और स्थानीय विधायक से कई बार लिखित व मौखिक रूप से निवेदन किया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। स्थानीय विधायक सुशील कुमार शाक्य द्वारा हर बार सिर्फ आश्वासन दिया गया कि जल्द ही कार्य शुरू होगा, किंतु धरातल पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। तहसील गेट से पुराने बस स्टॉप तक का यह क्षेत्र रात्रि के समय पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है। यहां कई दुकानें भी स्थित हैं, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। पुलिस की डायल 112 टीम भले ही क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती हो, लेकिन अंधेरे में गश्त करना भी एक चुनौती बन गया है। जनता और पुलिस-दोनों को असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बाद उन वादों की कोई सुध नहीं ली जाती। तहसील जैसा प्रमुख प्रशासनिक केंद्र अगर एक वर्ष से अंधकार में डूबा है, तो यह प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता का स्पष्ट प्रमाण है।
बजट के अभाव में अंधेरे में है अमृतपुर तहसील
