समृद्धि न्यूज। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाओं की रणनीतिक मूवमेंट से पाकिस्तान घबरा गया और सीजफायर के लिए मजबूर हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी गलती पर भारत जमीनी ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार था। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मुझे याद है कि लगभग 13 या 14 अगस्त को पाकिस्तान ने गलती से लगभग 150 लोगों की एक लिस्ट जारी की थी।
#WATCH | Delhi: Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "Following the Pahalgam terror attack, a clear decision to respond decisively was taken at the highest level. Operation Sindoor was conceptualised and executed with precision. Through 22 minutes of initiation on 7th… pic.twitter.com/YxuPRxIgyw
— ANI (@ANI) January 13, 2026
उन्होंने कहा कि इसका हमने एनालिसिस किया और फिर उन्होंने इसे वापस ले लिया। सेना प्रमुख ने कहा कि हमारे आकलन के मुताबिक, उनमें से लगभग 100 लोग लाइन ऑफ कंट्रोल या आईबी/ जम्मू-कश्मीर सेक्टर में फायरिंग में मारे गए थे। उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद, आतंकवादियों द्वारा शुरू की गई घटनाएं लगभग बंद हो गई है। गतिविधियां काफी कम हो गई हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हमने जम्मू-कश्मीर में अपनी मौजूदगी कम कर दी है या वहां से कोई सैनिक वापस बुलाए हैं।
#WATCH | Delhi: Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "As for the drones, the drones we have seen are very small drones. They come with their lights on. They don't fly at very high altitudes, and they have been seen very infrequently. Around 6 drones were seen on the… pic.twitter.com/uUAtz051E0
— ANI (@ANI) January 13, 2026
उन्होंने कहा कि हमने दबाव का स्तर वैसा ही बनाए रखा है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा जहां तक न्यूक्लियर बयानबाजी की बात है, मैं कहना चाहूंगा कि डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के दौरान न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह पाकिस्तान के नेताओं या वहां की आम जनता ने की। मेरे पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सेना की तरफ से ऐसा कुछ कहा गया हो।
#WATCH | Delhi: Responding to ANI's question regarding Operation Sindoor, Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "I remember, around August 13th or 14th, they (Pakistan) mistakenly released a list of about 150 people, which we analysed, and then they withdrew it. Of… pic.twitter.com/HVoPrrPhlq
— ANI (@ANI) January 13, 2026
जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन 88 घंटों में, आपने देखा कि पारंपरिक जगह को बढ़ाने के लिए सेना की तैनाती ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जहां तक फोर्स स्ट्रक्चर की बात है, मैं आपको बस इतना बताना चाहता हूं कि ड्रोन पहले से ही एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस पहलू को बहुत तेज़ी मिली। उन्होंने कहा हम पहले से ही इस संगठन की निगरानी कर रहे थे, हमने इसे रेगिस्तानी इलाके, ऊंचे पहाड़ी इलाकों में वैलिडेट किया था, लेकिन, क्योंकि ऑपरेशन चल रहा था, इसलिए हमें इसे जल्दी से जल्दी कमीशन करना पड़ा। उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए हमने क्या कार्रवाई की? अगर हम इन्फेंट्री बटालियन से शुरू करें, अगर आप ड्रोन का एक्टिव रूप से इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी के लिए फोर्स एप्लीकेशन के लिए एंटी-रेडिएशन के लिए, जैमिंग के लिए, लोइटरिंग म्यूनिशंस के लिए, तो हमें बहुत कुशल ऑपरेटरों की ज़रूरत है और इसके लिए हमें इंटीग्रेशन की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि पहला संगठन जो हमने स्थापित किया वह एक इन्फेंट्री बटालियन थी, जिसके अंदर हमने अश्विनी प्लाटून बनाई, जिसमें ऐसे स्पेशलिस्ट शामिल हैं जिन्हें शामिल होने के लिए एक निश्चित स्तर की योग्यता हासिल करनी होती है। उपेंद्र द्विवेदी कहा कि इसी तरह, हमने भैरव लाइट कमांडो बटालियन स्थापित की है और आज की तारीख में हमने 13 भैरव बटालियन बनाई हैं। इन भैरव बटालियनों की भूमिका इन्फेंट्री बटालियनों के अंदर घातक प्लाटून और स्पेशल फोर्सेज के बीच के गैप को भरना है, वे आधुनिक उपकरणों से लैस हैं, जिसमें यूएएस उपकरण और काउंटर यूएएस उपकरण, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य उपकरण शामिल हैं, ताकि वे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। सेना प्रमुख ने आतंकियों के एक्टिव कैंप का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी तरफ के कैंपों की बात करें तो, वहां अभी भी आठ कैंप एक्टिव हैं, ऐसा लगता है कि वहां लगभग 100 से 150 लोग हो सकते हैं, जहां तक राजनीतिक बयानबाजी की बात है, या पाकिस्तान की बात है, वे पूरी तैयारी कर रहे हैं। सेना प्रमुख ने चीन के साथ लगती सीमा पर बरते जाने वाले एहतियात को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने चीनी सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, हमारी सैन्य तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी दहशतगर्दों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली कार्रवाई के बारे में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को सटीकता से अंजाम दिया गया। बता दें कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट की इस कार्रवाई के दौरान नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की गई थी।
