लखनऊ, समृद्धि न्यूज। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की है। इस दौरान शुभांशु शुक्ला का परिवार भी मौजूद रहा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के नाम पर छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे हमारे प्रदेश की युवा पीढ़ी को भी लाभ मिलेगा। सीएम योगी सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शुभांशु प्रदेश के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। इस अभियान से पूरी दुनिया ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ताकत देखी है। इस अनुभव का हमें भविष्य में भी लाभ मिलता रहेगा। प्रदेश सरकार शुभांशु शुक्ला के नाम पर छात्रवृत्ति की योजना शुरू करेगी जिसका लाभ हमारी युवा पीढ़ी को मिलेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार शुभांशु मय हो गई। लखनऊ के शुभांशु शुक्ला 25 जून को अंतिरक्ष यात्रा पर गए थे। करीब 20 दिन बाद शुभांशु 15 जुलाई को धरती पर लौटे थे। एक साल बाद स्वतंत्रता दिवस-2025 के दो दिन बाद यानी 17 अगस्त को वे अपने वतन भारत पहुंचे और आज यानी सोमवार 25 अगस्त को 9 बजे वे लखनऊ पहुंच गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चार दशक बाद भारत को अंतरिक्ष यात्रा का अवसर मिला। हर भारतवासी शुभांशु की यात्रा को विश्वास के साथ देख रहा था। उन्होंने कहा कि शुभांशु के पिता सचिवालय प्रशासन के कर्मचारी रहे हैं। उनके संस्कारों के कारण ही भारत का सम्मान बढ़ा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। अंतरिक्ष यात्रा के दौरान 18 दिनों में शुभांशु ने 300 से भी अधिक बार पूरी पृथ्वी की परिक्रमा की है। ऐसे बहुत सारे लोग लखनऊ में रहते हैं जो कि अपने पूरे जीवन में पूरा लखनऊ भी नहीं घूम पाते हैं। शुभांशु ने पूरी पृथ्वी की परिक्रमा की। यह अद्भुत है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, आज लखनऊ के लिए बहुत बड़ा दिन है। भारत के सपूत, लखनऊ के सपूत ने लखनऊ में कदम रखा। जब से वह अंतरिक्ष से धरती पर लौटे हैं, लखनऊ के लोग बेसब्री से उनके आगमन का इंतजार कर रहे थे। आज आखिरकार वह क्षण आ ही गया। हम शुभांशु शुक्ला का गर्मजोशी और प्यार से स्वागत करते हैं। शुभांशु शुक्ला ने अपने स्कूल सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, आज सुबह मैं बहुत थका हुआ था।
फिर मैंने आप बच्चों को सडक़ों पर देखा और मुझे बताया गया कि आप सुबह 7:30 बजे से वहां खड़े हैं। मैंने आपको पसीने से तरए मुस्कुराते और इतना उत्साहित देखा कि मेरी थकान गायब हो गई। सफल होने के लिए केवल दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। मेरे समग्र अनुभव में, मुझे लगता है कि भविष्य बेहद उज्ज्वल है। हम सही समय पर हैं, सही अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास 2040 तक चंद्रमा पर उतरने का एक विजन और एक मिशन है।
VIDEO | While speaking to PTI, astronaut Shubhanshu Shukla praised the UP Govt’s Astro Labs initiative, saying it will spark curiosity among school kids and pave the way for future breakthroughs in science, space, and technology. He also gave a heartfelt message to future… pic.twitter.com/vAtZJkvxpj
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2025
शुभांशु ने कहा कि माइक्रोग्रैविटी भारत के लिए नए द्वार खोलती है, सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान में ही नहीं, बल्कि चिकित्सा, सामग्री अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में भी इसका काफी उपयोग होगा। जब हम यह समझते हैं कि जीरो ग्रैविटी में मानव शरीर और वस्तुएं कैसे व्यवहार करती हैं, तो हमें ऐसे नवाचार मिलते हैं जो धरती पर जीवन को बदल सकते हैं। भारत के लिए यह केवल अन्वेषण नहीं है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को सशक्त बनाने वाले समाधान खोजने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वहां से भारत अच्छा दिखता है। अंतरिक्ष में जाने का मिशन अपने आप में चैलेंज हैख् वहां पर लाइव न होने का कंडीशन नहीं है, एस्ट्रोनॉट तो सामने दिखते हैं लेकिन, उनके पीछे बहुत बड़ी टीम होती है। यह बहुत चुनौती भरा होता है, इनको एचीव करते समय आप बहुत सारी प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं। जिनके बारे में आपको मालूम नहीं था कि आप कर सकते हैं, एक्सपैरिमेंट के चलते माइक्रो गो की प्रॉब्लम खत्म होगी। सीएम योगी ने कहा कि ये हमारे देश के लिए आज की ही सफलता नहीं है बल्कि उस विरासत का हिस्सा है जो कि हमारे जीन्स में पहले से ही मौजूद है। ये हमारे देश की अविश्वविसनीय प्रतिभा का प्रदर्शन है। शुभांशु का अनुभव हमारे देश के अंतरिक्ष के क्षेत्र से जुड़े अन्य मिशन में मदद करने वाला साबित होगा। उनके अनुभवों से हमारी नई पीढ़ी सीखेगी।
