एक मुद्दत से अपने काम पे हूं जैसे जिंदा ही तेरे नाम से हूं: रुबीना अयाज
मुशायरा व कवि सम्मेलन में देश के नामचीन शायरों की शायरी के दीवाने हुए लोग फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। एक मुद्दत से अपने काम पे हूं जैसे जिंदा ही तेरे नाम से हूं इश्क का आखिरी मकाम है मौत और मैं आखिरी मकाम पर हूं, जब यह शेर रुबीना अयाज ने इरशाद फऱमाया तो मुशायरे की…
