हरदोई से संतोष तिवारी की रिपोर्ट
हरदोई, समृद्धि न्यूज। भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन एक दूसरे के धुर विरोधी दो नेताओं को एक साथ बिठाकर फोटो शूटकर उनके मिलन का संदेश लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से देना चाहते हैं कि रूठे सुजन मनाइए जो रूठे सौ बार, रहिमन फिर फिर पोईए टूटे मुक्ता हार। इन पंक्तियों पर हरदोई की विधानसभा गोपामऊ के विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक कमेंट किया है।जिसका शूट फोटो दर्शा रहा कि भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।एक दूसरे के धुर विरोधी राजनीतिक मतभेद वाले नेताओं का फोटोशूट पर लोग मजे ले रहे हैं।
आपस में खूब करो जूता लात,गाली गलौज,थाने में जाकर दर्ज कराओ एक दूसरे के विरुद्ध रिपोर्ट,फिर उसके बाद लोकप्रिय अध्यक्ष “पार्टी नहीं,एक परिवार है”की बात बोलते हुए करा देते हैं फोटोशूट।
दो विपरीत विचारधारा,विपरीत राजनीतिक संरक्षण दाताओं, विपरीत महत्वाकांक्षी नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का हो जाता है आधा अधूरा मिलन।जिस्म मिलते हैं मगर दिल नहीं मिल पाते।
कुछ दिन पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने पिहानी ब्लॉक प्रमुख के सशक्त दावेदारी जोर-जोर के साथ प्रस्तुत करने वाले व टिकट पाते पाते रह गए मनोज सिंह कोटरा व मौजूदा ब्लॉक प्रमुख कुशी बाजपेई का जो फोटो शूट कराया उसकी चर्चा भाजपाई हलकों के अलावा प्रदेश स्तर पर पहुंच चुकी है।
भाजपा की राजनीति से जुड़े हुए लोग व जनपद की स्थानीय राजनीति में थोड़ी बहुत भी जानकारी रखने वाले लोग यह बखूबी जानते हैं कि ब्लॉक प्रमुख पिहानी कुशी बाजपेई राजनीतिक रूप से पूर्व सांसद व भाजपा के कद्दावर नेता डॉक्टर अशोक बाजपेई व प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी खेमे से खुलकर जुड़े हैं।जबकि मनोज सिंह कोटरा को प्रदेश के सहकारिता राज्य मंत्री जेपीएस राठौर का वरहदस्त प्राप्त माना जाता है।भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन द्वारा कराया गया यह फोटो शूट पार्टी के बड़े नेताओं को संतुष्ट करने व पार्टी संगठन को मजबूती देने का एक सराहनीय प्रयास भी माना जा रहा है।
फोटोशूट वाली फेसबुक पोस्ट जो भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन की फेसबुक वाल से पोस्ट की गई थी उस पर गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के चर्चित विधायक श्याम प्रकाश का कमेंट्स राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है।
साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से राजनीतिक संकेत देता हुआ भी दिखाई पड़ रहा है कि हरदोई भाजपा की अंदरूनी राजनीति में फिलहाल सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
