न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। घोटाला करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर प्रधान, सचिव सहित ६ लोगों के विरुद्ध कायमगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
थाना कम्पिल के ग्राम शाहपुर गंगपुर निवासी बबलू मिश्रा पुत्र स्व0 रामशंकर ने न्यायालय में मीरा देवी पत्नी रामभजन ग्राम प्रधान शाहपुर, मनोज पुत्र रामभजन, वेदप्रकाश पुत्र प्रहलाद प्रो वेदप्रकाश ट्रेडर्स निवासी भूरा भरदौल थाना उझियानी जिला बदायूं, दुष्यन्त पुत्र कैलाश निवासी मोहल्ला राधाकिशन काली मंदिर के पीछे थाना अलीगंज जिला एटा, सत्यपाल पुत्र पुत्तूलाल निवासी शाहपुर गंगपुर, रवीन्द्र सिंह पुत्र नामालूम कार्यरत ग्राम सचिव शाहपुर ब्लाक व तहसील कायमगंज के विरुद्ध धारा-173 (4) बीएनएसएस के तहत याचिका दायर की गई थी।
जिसमें दर्शाया कि मेरा तथा मेरे परिवार का जीवन पूर्णतया कृषि पर ही निर्भर है। पिछले 3 वर्षों से ग्राम प्रधान के आग्रह पर अपने खेतों की पूरी गन्ने की व गेंहूं की फसल का भूसा गांव की गौशाला में आपूर्ति करनी शुरू की थी। जिसका पूरा भुगतान वर्ष 2022 व 2023 का ग्राम प्रधान द्वारा किया जा चुका था। प्रधान के कहने पर अपनी फर्म कामधेनु इण्टरप्राइजेज (गन्ना) गोशाला में दिया था तथा प्रधान व सचिव के द्वारा जून 2024 में भुगतान कर दिया गया। यह कि इस वर्ष 2025 में ग्राम प्रधान ने गोशाला की 80 बीघा भूमि पर गेहूं की फसल की थी, जिसमें लगभग 400 क्विंटल गेहू व लगभग 1000 क्विंटल भूसा हुआ था। जिसको ग्राम प्रधान व सचिव ने फर्जी वाड़ा करके षणयन्त्र करके गौशाला के नाम पर उक्त फसल को बेच दिया तथा 4 साल का गोबर व घूरा नीलाम करने के बजाय खुद गबन करके अपने खेतों में डाला तथा कुछ बेच दिया। तथा पूरा पैसे का आपस में बंदरबांट कर लिया। जिसकी मौखिक शिकायतें गांव के लोगों के द्वारा की गयी, जिस पर किसी प्रकार की कार्यवाही न होने से प्रधान व सचिव के हौसले बुलन्द हो गये। वह हम लोगों से रंजिश मानने लगा। वर्ष 2025 में मैने अपनी फर्म के जरिये अपनी फसल का तथा गांव तथा अन्य स्थानों से खरीद करके गोशाला को 1263.25 क्विंटल भूसा 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 869.75 क्विंटल हरा चारा रु 470 की दर से कुल 14,19,382 का विक्रय किया था। तथा लेबर को नकद कई किश्तों में कुल 5,95,000 रुपये का भुगतान किया था, जिसमें से 3 लाख 30 हजार रुपया प्रधान ने नकद मुझे वापस कर दिये थे। शेष रकम का भुगतान ग्राम प्रधान तथा ग्राम सचिव द्वारा गोशाला के खाते से किया जाना था। शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उपरोक्त लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी।
घोटाले के मामले में प्रधान, सचिव सहित 6 पर मुकदमा दर्ज
