नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने रैन बसेरा में ताला लगा होने से मरीजों के परिजनों को कड़ाके की ठंड में रात गुजारनी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में रैन बसेरा होने के बावजूद इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजन भी होते हैं। मरीज को भर्ती कराने के बाद इन परिजनों को रातभर अस्पताल के बाहर या इधर-उधर भटकना पड़ता है। कड़ाके की ठंड के बावजूद रैन बसेरा हमेशा बंद रहता है। इससे दूरदराज से आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में आए तीमारदार अनिल सिंह ने बताया हम मरीज को लेकर आए हैं। रैन बसेरा बना तो है लेकिन ताला बंद रहता है। मजबूरन हमें इस कड़ाके की ठंड में बाहर बैठना पड़ रहा है। अन्य परिजन अनूप कुमार ने बताया अस्पताल प्रशासन को गरीबों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। इतनी ठंड में भी रैन बसेरा न खोलना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। वहीं राजू राजपूत का कहना है कि प्रशासन कागजों पर तो रैन बसेरों के संचालन का दावा करता है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके उलट है। रात भर इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गौरव राजपूत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला।
सीएचसी के रैन बसेरा में जड़ा ताला, सर्दी में ठिठुर रहे तीमारदार
