समृद्धि न्यूज नवाबगंज। जानकारी के अनुसार बीते रात शिक्षामित्र पत्नी के साथ ससुराल गए रेडीमेड कपड़ा व्यापारी के घर अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर उड़ाई नगदी व सामान फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँच की जाँच पड़ताल। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सितबान पुर पीठू निवासी संदीप कुमार पुत्र वीरेंद्र सिंह हाल निवासी कस्बा नवाबगंज भावना रोड जोकि कस्बे में कपड़े के रेडीमेड की दुकान किए हुए हैं तथा पीड़ित की पत्नी रेनू देवी नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र के गांव सलेमपुर ढूंढे मई शिक्षामित्र के पद पर तैनात युवक की ससुराल नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र के गांव भाटासा में है पीड़ित के अनुसार मंगलवार की बाजार बंदी होने पर अपनी पत्नी को उनके स्कूल छोड़ने गया था वहीं से स्कूल से मात्र 2 किलोमीटर ससुराल होने पर पीड़ित के ससुराल से फोन आया और वह ससुराली जनों के कहने पर छुट्टी होने के बाद अपनी पत्नी को लेकर ससुराल चले गए जहां रात को वह ससुराल में रुक गए तथा घर में ताला लगा हुआ था तभी बीते रात अज्ञात चोरों ने पीछे से खेतों की तरफ से एक पड़ोसी के पानी वाले पाइप लाइन का पाइप तोड़कर उससे पीछे का गेट उसका कर तोड़ दिया तथा चोर अंदर घर में प्रवेश कर गए जब तथा उन्होंने उनके घर का सारा सामान अंदर के ताले तोड़कर घर में रखी अलमारी बक्से के तारे भी तोड़ डाले तथा घर में रखें एक चैन सोने की एक जोड़ी झाले 1 जोड़ी पायल बच्चों के खड़े हुए गले में पहनने की हाय तथा सोने की अंगूठी नाक की नथनी और ₹40000 नगद चोर चुरा ले गए जब स्वभाव पड़ोसी जागे तो उन्होंने पीड़ित का गेट खुला देखा और ताले टूटे पड़े देख इसकी सूचना फोन पर पीड़ित को दी तो सूचना पाकर पीड़ित अपनी पत्नी के साथ अपने घर पहुंचा और वहां घर का सामान सारा तहस-नहस देखकर चीखने चिल्लाने लगे तथा सूचना थाना पुलिस को दी थाना अध्यक्ष ने सूचना उच्चाधिकारियों तथा फॉरेंसिक टीम को दी मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने युवक के घर की जांच पड़ताल कर नमूने लेकर साक्ष्य जुटाए जिसके बाद थाना अध्यक्ष मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल कर जल्द ही कार्रवाई कर खुलासा किया जाएगा लेकिन खबर लिखे जाने तक पीड़ित ने मामले की कोई थाने में तहरीर नहीं दी थी इससे साफ जाहिर होता है कि कस्बे में चोरी होने पर पुलिस व्यवस्था की पोल खुली जबकि चोर सभी पड़ोसियों के घरों की बाहर से कुंडी बंद कर चले गए जब सुबह चीख-पुकार मची और लोगों ने पहुंचकर लोगों के गेटों के कुंडी खोली।
