फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीडि़त के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये हैं।पीडि़त संजय पाठक उर्फ संजू ने न्यायालय में दिये गये प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह एक सीधासाधा सज्जन व्यक्ति है और विद्युत विभाग में ठेकेदारी करता है। उसके मोहल्ले का ही सुधीर दिवाकर पुत्र लालाराम दिवाकर एक शातिर अपराधी है। जिसके विरुद्ध करीब दो दर्जन मुकदमे में विचाराधीन है। सुधीर दिवाकर जनपद हरदोई से दोषसिद्ध भी किया जा चुका है। दिनांक २९ मई २०२३ को उपरोक्त सुधीर ने अपने फोन से धमकी देते हुए कहा कि अगर तुझे जीवित रहना है तो तुझे ५ लाख रुपये देने होंगे अन्यथा मैं तुझे जान से मार दूंगा या तेरे ऊपर कोई झूठा मुकदमा लगवाकर तुझे जेल भिजवा दूंगा। जब पीडि़त ने रंगदारी नहीं दी, तो सुधीर दिवाकर ने पीडि़त के विरुद्ध एक झूठा प्रार्थना पत्र अपने मामा अजनेश उर्फ झप्पी दिवाकर निवासी सिविल लाइन मड़ैया के नाम से व अन्य मोहल्ले वाले हीरलाल जवाहर लाल, मोतीलाल व अन्य लोगों के फर्जी हस्ताक्षर करके दिया। उपरोक्त प्रार्थना पत्र की जब सीओ द्वाा जांच की गयी, तो समस्त प्रकरण झूठा पाया गया। सुधीर दिवाकर अब तक पीडि़त के विरुद्ध करीब ४५ प्रार्थना पत्र दे चुका है। पीडि़त को उपरोक्त सुधीर से जानमाल का खतरा है। वह पीडि़त की हत्या करवा सकता है। प्रार्थी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार त्यागी ने फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है कि वह प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर तीन दिन के अंदर उसकी प्रति न्यायालय में प्रेषित करें।
