साधु संतों व श्रद्धालुओं का लगा जमघट, महाआरती ने सभी का मन मोहा
पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर 30 हज़ार से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गंगा नदी के पंचाल घाट पर शनिवार को श्री रामनगरिया मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व उनकी पत्नी डॉ0 वंदना द्विवेदी, भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, मेला सचिव एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, एसडीएम रजनीकांत, सीएमओ डॉ0 अवनींद्र कुमार, मेला व्यवस्थापक संजय मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ मेले की शुरुआत की। मेले में देश-प्रदेश से हजारों साधु-संत और कल्पवासी गंगा किनारे कुटिया बनाकर एक माह तक रहेंगे और नियमित स्नानए पूजा-पाठ करेंगे।
मेले में धर्म, साधना, भक्ति और पारंपरिक रीतिरिवाज़ों का संगम देखा जा रहा है। मेले के पहले ही दिन से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पंचाल घाट पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भक्ति, पूजा, जप-तप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। मेले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित प्रदर्शनी का शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी में भी श्रद्धालुओं और आगंतुकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वरोजग़ार और कृषि योजनाओं के बारे में रुककर जानकारी ली। कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ प्रदर्शनी को देखा और योजनाओं का लाभ समझा। इस तरह मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता का भी अच्छा समन्वय देखने को मिला। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्री रामनगरिया मेला इस बार भी बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुआ है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सभी सुविधाओं और सुरक्षा के इंतज़ाम कर दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि मेले में सुरक्षा के लिए एक कोतवाली और 11 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। सात वॉच टावर पर आधुनिक यंत्र और शस्त्रों से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा दृष्टि से छावनी में तब्दील किया गया है। मेला श्री रामनगरिया के शुभारम्भ अवसर पर आचार्य शिव शास्त्री, आचार्य प्रदीप नारायन शुक्ला सहित शशांक मिश्रा शास्त्री, अभय नारायण, ऋषभ कृष्ण, रामजी पाठक, विक्रांत त्रिवेदी, सौरव बाजपेयी, राघव शुक्ला, राघव तिवारी, अभिनेन्द्र तिवारी, राकेश अवस्थी, रामेन्द्र अवस्थी आदि वैदिक मंत्रों के उच्चारण किया। इस दौरान दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास आदि संत मौजूद रहे। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता ठा0 वीरेन्द्र सिंह, डीएस राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, शिवांग रस्तोगी, अश्नील दिवाकर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल यादव, भारती मिश्रा, रमला राठौर, अन्नू उर्फ दिनेश प्रताप सोमवंशी आदि लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भव्य स्वरूप में सजा मेला क्षेत्र, महाआरती रही आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, आकर्षक प्रवेश द्वार, भव्य मंच और सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहा है। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, लोकगीत, रामकथा, भजन-कीर्तन और विकास प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं इस अवसर पर गंगा तट पर गंगा आरती का आयोजन बनारस से आये आचार्यो द्वारा किया गया। आरती के उपरांत आये हुये श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
कल्पवास का विशेष महत्व
मेला श्रीरामनगरिया में कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व है। दूरदराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। कल्पवासी गंगा स्नान, जप-तप, यज्ञ, दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है।
मेले का ऐतिहासिक महत्व
रामनगरिया मेले का इतिहास वर्षों पुराना है। पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम
मेला क्षेत्र में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती की गयी है। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी की गयी है। इसके साथ ही साथ खोया-पाया केंद्र्र की स्थापना की गयी है। महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। साफ.-सफाई और पेयजल की पर्याप्त सुविधा है। मेला सचिव/अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि मेला श्रीरामनगरिया हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस बार मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इस वर्ष माघ मेला रामनगरिया की एक वेबसाइट बनाई गई है। इसके जरिए लोग मेले की जानकारी आसानी से ले सकते हैं। मेले में कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा आज किया गया।
