उन्नाव, समृद्धि न्यूज। मिलावटी खाद्य पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट परिसर से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मोबाइल प्रयोगशाला/फूड सेफ्टी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राठी ने स्वयं वैन की जाने वाली कार्यप्रणाली, सैंपल लेने की प्रक्रिया और मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच तकनीक की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लैब टेक्नीशियन से नकली उत्पादों को चिन्हित करने के तरीकों के बारे में भी पूछा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वैन का संचालन सुनियोजित तरीके से रूटवार किया जाए। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक प्रमुख बाजार, दुकान, हाट और चौराहों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी मिलावट की पुष्टि हो, वहां संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फूड सेफ्टी वैन में अत्याधुनिक जांच उपकरण लगाए गए हैं। यह वैन दूध में यूरिया और डिटर्जेंट, तेल में कृत्रिम रंग, मिठाइयों में सिंथेटिक रंग तथा अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की त्वरित जांच करने में सक्षम है। सैंपल लेकर लगभग 10 मिनट के भीतर प्रारंभिक जांच परिणाम उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि यह मोबाइल प्रयोगशाला जनपद के विभिन्न बाजारों में भ्रमण करेगी और दुकानों पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की ऑन-द-स्पॉट जांच करेगी। इसके साथ ही नागरिकों को भी अपने खाद्य पदार्थों की निःशुल्क जांच कराने का अवसर मिलेगा। दूध, तेल, पानी, मसाले और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच कर लोगों को मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मिलावटी खाद्यान्न पर अंकुश लगाना, खाद्य सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
