तीनों को अरेस्ट, अस्पताल का पंजीकरण किया निरस्त
मुरादाबाद: कोलकाता कांड के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर है, लेकिन इसके बाद भी लगातार अस्पतालों में रेप के मामले सामने आ रहे हैं। यूपी के मुरादाबाद के निजी अस्पताल में नर्स से रेप का मामला सामने आया है। हैरानी की बात है कि रेप का आरोप डॉक्टर पर लगा है। एक वार्ड बॉय और नर्स पर वारदात में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने तीनों को अरेस्ट कर लिया है। जानकारी के मुताबिक प्राइवेट अस्पताल में नर्स नाइट ड्यूटी पर थी। वार्ड बॉय और सहकर्मी नर्स ने उसे कमरे के अंदर बंद कर दिया। जहां डॉक्टर ने रेप किया। पहले दोनों लोग उसको बुलाने के लिए आए। कहा कि तुम्हें डॉक्टर बुला रहे हैं, लेकिन पीड़िता ने मना कर दिया। जिसके बाद जबरदस्ती उसको कमरे के अंदर ले गए और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उसने मेहनाज से डॉक्टर के कमरे में जाने से साफ इन्कार कर दिया था। इसी दौरान वार्ड बॉय जुनैद आ गया और वह उसे जबरन खींचकर डॉक्टर के कमरे में ले गया। इसके बाद आरोपी जुनैद और मेहनाज ने कमरा बाहर से बंद कर दिया था। आरोपी डॉक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन मेहनाज और जुनैद ने उसकी कोई मदद नहीं की। पीड़िता ने बताया कि उसे डर था कि आरोपी अपना गुनाह छिपाने के लिए उसके साथ कोई घटना कर सकते हैं। उसे जहर का इंजेक्शन लगाकर मार भी सकते हैं। इसलिए वह सुबह होने का इंतजार करती रही। अगले दिन 10 बजे दूसरी नर्स आई तो उसने आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता ने घर आकर अपने परिवार को घटना की जानकारी दी थी। ठाकुरद्वारा थाने में 18 अगस्त को आरोपी डॉ. शाहनवाज, मेहनाज और जुनैद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि डॉक्टर ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है।मेहनाज और जुनैद ने आरोपी डॉक्टर का सहयोग किया है। पुलिस ने सोमवार को तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने सोमवार को पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। सोमवार पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। जिसमें पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी है। ठाकुरद्वारा में निजी अस्पताल में नर्स को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में सीएमओ ने संबंधित अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी नर्स के खिलाफ भी जांच के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया था। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। अध्यक्ष एडीशनल सीएमओ डाॅ. भारत भूषण, डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, एमओआईसी डॉ. राजपाल ने सीएमओ को अपनी रिपोर्ट दे दी। मंगलवार को अन्य कागज देखने के बाद अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही आरोपी आशा वर्कर मेहनाज के खिलाफ कार्रवाई के लिए एमओआईसी डॉ. राजपाल को निर्देश दिए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आरोपी नर्स के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
