समृद्धि न्यूज। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है, लेकिन इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा था कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। अब ट्रंप के इस बयान से ये साफ दिख रहा है कि अमेरिका की नीति अब नरम नहीं रही।
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है और उसने अमेरिका से संपर्क किया है। ट्रंप के अनुसार, तेहरान ने व्हाइट हाउस आने तक की इच्छा जताई है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि यह फैसला काफी देर से लिया गया है और अब ईरान बेहद कमजोर स्थिति में है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है। उन्होंने संपर्क किया है और यहां तक कि व्हाइट हाउस आने का सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था, ट्रंप के मुताबिक, अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं और तेहरान दबाव में है।
ईरान के पास कोई डिफेंस नहीं बचा: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि पिछले एक हफ्ते में काफी बड़ा अंतर आया है। अब और एक हफ्ते पहले की स्थिति में जमीन आसमान का फर्क है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उनके पास अब कोई एयर डिफेंस सिस्टम नहीं बचा है। यह बयान उस वक्त आया है जब इजराइली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। इतना ही नहीं खामेनेई के बंकर के पास भी इजराइल ने कई हमले किए है।
संघर्षविराम से बड़ा समझौता चाहते हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका को इस संघर्ष से दूर रहना चाहिए, लेकिन अब उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे केवल संघर्षविराम नहीं बल्कि इससे कहीं बड़ा समझौता चाहते हैं। इससे यह माना जा रहा है कि पूरे मामले में अमेरिका की स्थिति अब पहले से अधिक सख्त हो गई है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को केवल युद्ध रोकने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे एक व्यापक समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका सही कदम उठाए, तो वह बड़ी जीत हासिल कर सकता है।
