समृद्धि न्यूज। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनाती के लिए एक पहला ड्रोन स्क्वाड्रन तैयार कर रहा है। साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर से सीखे गए सबक के बाद घातक यूएवी हमलों के खिलाफ अपनी सुरक्षा और चौकियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इस मोर्चे पर विशिष्ट सीमा चौकियों (बीओपी) पर तैनात इस स्क्वाड्रन में टोही, निगरानी और हमलावर ड्रोन या मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और इन मशीनों को संचालित करने में सक्षम विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी शामिल होंगे।
पाकिस्तान के साथ हालिया संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर से सीख लेते हुए भारतीय सीमा सुरक्षा बल बड़ा सुरक्षा बदलाव कर रही है। इस कड़ी में बीएसएफ अपनी चौकियों की छतों और दीवारों को मजबूत कर रही है। इसके साथ बीएसएफ ने पाकिस्तान से सटी सीमा पर निगरानी कड़ी करने के लिए ड्रोन स्क्वाड्रन बनाने का भी फैसला किया है।
इस स्क्वाड्रन को चंडीगढ़ में मौजूद बीएसएफ के वेस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर से कंट्रोल किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हजारों ड्रोन भेजे, जिनमें एक ने जम्मू के खारकोला पोस्ट पर बम गिराया था। इसमें दो बीएसएफ जवान और एक सैनिक शहीद हो गए थे। इससे सबक लेते हुए बीएसएफ अब अपनी चौकियों की छतों और दीवारों को मजबूत कर रही है ताकि दुश्मन ड्रोन के हमलों को रोका जा सके। इसके साथ हीए रक्षा और खुफिया एजेंसियों की मदद से सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक लगाने की तैयारी भी की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ ड्रोन स्क्वाड्रन को उत्तर में जम्मू से लेकर देश के पश्चिमी हिस्से में पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक 2,000 किलोमीटर से अधिक लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित बीओपी पर तैनात किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि स्क्वाड्रन विभिन्न प्रकार के छोटे और बड़े निगरानी, टोही और हमलावर ड्रोन से लैस होगा, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर जैसी किसी भी युद्ध जैसी स्थिति या अभियान के दौरान लॉन्च किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक सीमा पर होगी ड्रोन स्क्वाड्रन की तैनाती
