मंत्री को भेजी गई शिकायत में कई गंभीर आरोप, करोड़ों का गोलमाल
संरक्षण में चल रही है कई फर्जी फर्मे
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मण्डी के निरीक्षक पलीता लगा रहे है। उनके द्वारा किये जा रहे विभाग विरोधी कार्यों को लेकर विभागीय कर्मचारी खुलकर सामने आ गये है। एक कर्मचारी ने लिखित शिकायत प्रदेश सरकार के विभागीय स्वतंत्र प्रभार मंत्री को भेजकर कार्यवाही कराये जाने की मांग की है।
सातनपुर स्थित मण्डी के निरीक्षक व प्रभारी मण्डी सचिव दिव्यांशु शुक्ला पर कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाये है। शिकायत में दर्शाया गया है कि दिव्यांशु शुक्ला वर्तमान में प्रभारी सचिव व मण्डी निरीक्षक द्वारा मण्डी समिति में कार्यरत कर्मचारियों का उत्पीडऩ कर रहे है। बिना किसी कारण कर्मचारियों को निलंबित कर कांटा आपरेटर को हटाकर बिना किसी योग्यता के अपने परचित को मण्डी में स्थापित कांटे पर लगाकर अवैध वसूली करायी जा रही है। कांटे पर अपने साले को लगाया है जो नियम विरुद्ध है। इस अवैध वसूली में मण्डी निरीक्षक पूरी तरह लिप्त है।

इसके चलते किसान व व्यापारियों का भी उत्पीडऩ हो रहा है। ३० जून २०२३ को सम्भागीय उपनिदेशक कानपुर द्वारा दिव्यांशु शुक्ला प्रभारी सचिव का स्थानांतरण मण्डी निरीक्षक के पद पर जो कि इनका मूल पद है। मण्डी समिति फर्रुखाबाद से मण्डी समिति अच्छलदा (औरैया) किये जाने के क्रम में नगर मजिस्टे्रट/सभापति द्वारा १ जुलाई २०२३ को मण्डी समिति अच्छलदा औरैया के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया था, लेकिन अपने मनमाना रवैया अपनाते हुए कार्यमुक्त होते हुए भी औरैया जाकर अपना योगदान नहीं किया। सम्भागीय उपनिदेशक कानपुर ने औरैया के लिए किये गये स्थानांतरण आदेश को निरस्त किया, लेकिन उसके पश्चात भी शुक्ला द्वारा दोबारा अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं की गई और पद पर कार्य करते हुए निदेशक से पुन: अनुमोदन भी नहीं लिया। सचिव पद पर नियमविरुद्ध तरीके से कार्य कर रहे है। प्रशासन के आदेशों की भी अवेहलना कर रहे है। २१ जून २०२३ को तत्कालीन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस में अनुपस्थित रहने के कारण कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल निलंबित किये जाने के निर्देश पारित किये थे। उसके बावजूद अनावश्यक रुप से अपने पद पर कार्य कर रहे है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मण्डी सचिव द्वारा की जा रही अवैध वसूली जो सीसीटीवी कैमरे में कैद है देखी जा सकती है। इनके संरक्षण में कुछ समय के लिए संचालित हुई फर्म मै कायम सिंह एण्ड संस व मैं अंजली टे्रडर्स इनके प्रो0 की कोई जानकारी नहीं है। ऐसी दशा में उक्त फर्मों को अवैध रुप से कई लाख कुंटलों में आलू की क्यूआर जारी करायी गई तथा कई लाख कुंटल में अन्य फर्म मुकेश टे्रडिंग कम्पनी, न्यू आलोक टे्रडर्स, धनराज टे्रडर्स, मुनीम जी टे्रडर्स आदि लगाग दर्जन भर फर्मो को उपरोक्त लाखों कुंटल अवैध रुप से क्यू आर द्वारा ट्रांसफर कराया गया। जिसका रिकार्ड ऑन लाइन चेक किया जा सकता है। इन सभी फर्मो से मण्डी शुल्क व विकास शुल्क जमा कराये बगैर सचिव द्वारा बगैर सभापति के अनुमोदन से फर्मो को निलंबित किया गया। इसके अलावा कई गंभीर आरोप है, जिससे साफ जाहिर होता है कि मण्डी निरीक्षक दिव्यांशु शुक्ला पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है। शिकायतकर्ता ने जांच कराकर कार्यवाही कराये जाने की मांग की। साथ ही राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद निदेशक उत्तर प्रदेश के अलावा संबंधित अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजी है।
