नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। नगर का मुख्य चौराहा उसके चारों मार्ग व मुख्य बाजार इन दिनों अव्यवस्था का केंद्र्र बन गया है। रेहड़ी पटरी वालों द्वारा सडक़ घेरे जाने और मछली मंडी की अव्यवस्था के कारण आम जनमानस का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
सोमवार दोपहर करीब तीन बजे मांस मछली खरीदने आए ग्राहकों द्वारा सडक़ पर ही वाहन खड़े कर देने से घंटों लंबा जाम लग गया। जिससे राहगीरों को भारी दिक्कत उठानी पड़ी। बाजार की स्थिति यह है कि दुकानदारों ने फुटपाथ को अपनी निजी संपत्ति समझ लिया है। सडक़ पर बेंच और तख्त लगाकर सामान बेचा जा रहा है। इसके साथ ही रेहड़ी पटरी वालों के जमावड़े के कारण सडक़ की चौड़ाई आधी रह गई है। बड़े वाहनों के प्रवेश करते ही पहिए थम जाते हैं और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। नगर के बीचों बीच स्थित मछली मंडी स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। यहाँ न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि गंदगी और दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। राहगीरों को अपनी नाक पर कपड़ा रखकर वहां से गुजरना पड़ता है। सोमवार को भी ग्राहकों द्वारा बेतरतीब ढंग से खड़ी की गई कार और बाइकों के कारण घंटों आवागमन ठप रहा। स्थानीय नागरिक गोपाल, आलोक, विकास गुप्ता, सुनील राठौर आदि ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की शिथिलता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। बार.बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसका खामियाजा आम जनता को जाम में फंसकर भुगतना पड़ रहा है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार से बात की गई, तो उनका कहना है कि मुख्य बाजार मार्ग लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आता है। इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करना पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का काम है। प्रशासनिक विभागों के बीच तालमेल की कमी और जिम्मेदारी से बचने के इस रवैये के कारण नवाबगंज की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। अब देखना यह है कि क्या पीडब्लूडी या जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाता है या जनता यूं ही जाम और दुर्गंध में घुटती रहेगी।
मुख्य चौराहे पर अतिक्रमण का बोलबाला, घंटों जाम से जनता बेहाल
