मामले की पड़ताल में लगी एसटीएफ द्वारा आरोपी अमित टाटा की गिरफ्तारी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई।
समृद्धि न्यूज़ लखनऊ। फेन्सेडिल कफ सिरप व कोडीन युक्त अन्य दवाओं को नशे के रूप में प्रयोग करने हेतु इनका अवैध भंडारण एवं व्यापार करने के मामले की पड़ताल में जुटी एसटीएफ ने चर्चित आरोपी अमित सिंह ‘टाटा’ की गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में चल रहे एक अन्य चर्चित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।लखनऊ में प्लासियो माल के पूर्व उत्तरी गेट के तिराहे के पास से गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम आलोक प्रताप सिंह है जो लखनऊ में मालवीय नगर ऐशबाग राजेन्द्रनगर का तथा चंदौली जिले का मूल निवासी है।
एसटीएफ को विगत काफी दिनों से फेन्सेडिल कफ सिरप व कोडीन युक्त अन्य दवाओं को नशे के रूप में प्रयोग करने हेतु इनका अवैध भंडारण एवं व्यापार करने तथा उत्तर प्रदेश,उत्तराखण्ड,बिहार, झारखंड,असम,पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश भेजे जाने की सूचना प्राप्त हो रही थी,जिसकी रोकथाम हेतु शासन की ओर से एसटीएफ तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया था।जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध फेन्सेडिल कफ सिरप को बरामद कर थाना सुशांत गोल्फ सिटी अभियोग में पंजीकृत कराया गया था।शासन द्वारा दी गई जांच के अनुपालन में एएसपी एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में निरीक्षक अंजनी कुमार पाण्डेय,मुख्य आरक्षी गौरव सिंह,प्रशान्त सिंह, व शेर बहादुर की टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।
एसटीएफ द्वारा अभियोग की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए अभियुक्त विभोर राणा और विशाल सिंह को बीती 12 नवंबर तथा अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को बीती 27 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पूछताछ से मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्त आलोक प्रताप सिंह की तलाश में अभिसूचना के आधार पर प्लासियो माल के पास से अभियुक्त उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त ने विस्तृत पूछताछ में बताया कि ग्राम नरवे आजमगढ़ के रहने वाले विकास सिंह के माध्यम से मेरा परिचय शुभम जायसवाल पुत्र भोला प्रसाद निवासी कायस्थ टोला प्रह्लाद घाट वाराणसी से हुआ था।विकास सिंह ने बताया था कि शुभम जायसवाल का एबॉट कंपनी की फेन्सेडिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची,झारखंड में है।कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप नशे के रूप में प्रयोग होता है,जिसकी काफी डिमांड पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में है। इसकी तस्करी में बहुत फायदा है।अगर उसके धंधे में कुछ पैसे लगाओगे तो काफी आमदनी होगी,इस पर लालच में आकर तैयार हो गया और साथी
अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को भी बताया तो वह भी तैयार हो गया।अमित टाटा को एसटीएफ द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।हम दोनों ने विकास सिंह के माध्यम से शुभम जायसवाल व उसके पार्टनर वरुण सिंह,गौरव जायसवाल व विशाल मेहरोत्रा के साथ बातचीत की और उन लोगों ने धनबाद में मेरा श्रेयसी मेडिकल एजेंसी के नाम से जनवरी 2024 में फर्म बनवा दी।फर्म का सारा लेनदेन शुभम जायसवाल व उसके पार्टनर तथा उसका सी.ए तुषार देखता था।धनबाद के बिजनेस में मैंने तथा अमित टाटा ने पांच-पांच लाख रूपये कुल दस लाख रूपये लगाये।मुझको तथा अमित टाटा को इन लोगों ने लगभग 20-22 लाख रुपए दिए। हम लोग धनबाद 2-3 बार ही गये थे।धनबाद,रांची का काम वरूण सिंह देखता था।इसके बाद इन लोगों के कहने पर हम दोनों के नाम से बनारस में भी ड्रग लाइसेंस लेकर फर्म खुलवाई।मेरे नाम मां शारदा मेडिकल के नाम से फर्म खुलवाई।इसका भी सारा लेनदेन शुभम जायसवाल व उसके साथी देखते थे।बनारस की फर्म में दो-तीन महीने ही फेन्सेडिल का व्यापार होना बताया।उसके बाद एबॉट कंपनी द्वारा फेन्सेडिल कफ सिरप बनाना बंद हो गया। बनारस की फर्म में भी लगभग 8 लाख रुपए का लाभ अलग अलग समय पर शुभम के पार्टनर विकास सिंह व विशाल मल्होत्रा ने दिया था।रांची,गाजियाबाद में पुलिस एवं एसटीएफ टीम द्वारा इसके गैंग के सौरभ त्यागी, विभोर राणा आदि को गिरफ्तार कर लेने के कारण शुभम जायसवाल अपने परिवार एवं पार्टनर वरुण सिंह,गौरव जायसवाल के साथ दुबई भाग गया है।शुभम जायसवाल व उसके पार्टनर द्वारा हम लोगों के अलावा अन्य काफी लोगों के नाम से भी इसी प्रकार फर्जी फर्म बनवाकर फेन्सेडिल कफ सीरप के कूटरचित बिल और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी खरीद बिक्री दिखाकर उसको तस्करों के हाथ बेचकर भारी मुनाफा कमाते हैं। ड्रग लाइसेंस दिया गया अनुभव प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र आदि फर्जी है।हम लोगों ने कभी भी किसी भी दुकान पर काम नहीं किया है।अमित टाटा के पकडे जाने के बाद मैंने कोर्ट में अपना सरेंडर प्रार्थना पत्र डाला था। अभियुक्त से विस्तृत पूछताछ के लिये पुलिस अभिरक्षा रिमांड हेतु आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
फेन्सेडिल कफ सिरप व कोडीन युक्त अन्य दवाओं के मामले में चर्चित अभियुक्त आलोक गिरफ्तार
