सहकारी चीनी मिल में गन्ना घटतौली को लेकर भडक़े किसान, किया हंगामा

तौल को लेकर किसानों और सीसीओ के बीच हुई जमकर नोकझोंक
जीएम बोले लोड सेल में तकनीकी दिक्कत थी, जिसे दूर कर लिया गया
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। सहकारी चीनी मिल में गन्ना तौल के दौरान कथित घटतौली को लेकर किसानों ने हंगामा कर दिया। रोजाना की तरह गन्ना कांटे पर तौल चल रही थी, तभी कुछ किसानों को वजन में अंतर दिखाई दिया। शक होने पर किसानों ने दूसरा ट्रैक्टर ट्रॉली लाकर पहले धर्मकांटे पर तौल कराई और फिर मिल के कांटे पर पहुंचाए।किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि धर्मकांटे और मिल के कांटे की तौल में ढाई से तीन कुंतल तक का अंतर आया। नूरपुर गढिय़ा के एक किसान ने बताया कि धर्मकांटे पर उसकी ट्रॉली का वजन 100 कुंतल 400 किलो आया, जबकि मिल में 100 कुंतल 160 किलो ही दर्शाया गया। यह देख बड़ी संख्या में किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर सीसीओ मौके पर पहुंचे। तौल को लेकर किसानों और सीसीओ के बीच नोकझोंक भी हुई। काफी बहस के बाद जब दूसरे कांटे से दोबारा तौल कराई गई तो अंतर सामने आया। किसानों का कहना था कि मिल परिसर में तीन तौल कांटे हैं। जिनमें बीच वाला कांटा खराब है। जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली की तौल होती है, जबकि बैलगाड़ी वाला कांटा और खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का कांटा सही बताया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि रात से कई ट्रॉलियों की तौल हो चुकी है। जिन ट्रॉलियों में गड़बड़ी सामने आई उनकी तौल तो सही करा ली गई, लेकिन बाकी किसानों का क्या होगा। किसानों का कहना था कि मिल में घटतौली की जाती है। काफी देर चले हंगामे के बाद सीसीओ के समझाने पर किसान शांत हुए। इसके बाद तकनीकी खराबी को ठीक कराया गया। चीनी मिल जीएम ने बताया कि लोड सेल में तकनीकी दिक्कत थी। जिसे किसानों की मौजूदगी में दोबारा कैलिब्रेट कराया गया है। सुबह गन्ने से लदे ट्रॉली की तौल के दौरान यह समस्या सामने आई थी। इस पर पहले तौल करा चुके किसानों की भी दोबारा तौल कराई गई। जीएम ने बताया कि हर शिफ्ट में कांटे का कैलिब्रेशन किया जाता है और इंजीनियर इसकी निगरानी करता है। सुबह आठ बजे की शिफ्ट में भी दोबारा कैलिब्रेशन कराया गया। जिसमें कांटा सही पाया गया। उन्होंने निगरानी के लिए एक गार्ड भी तैनात कर दिया है। किसानों का किसी भी हालत में अहित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं सीसीओ ने कहा कि घटतौली का कोई मामला नहीं था। रात करीब साढ़े पांच बजे तकनीकी कारण से कांटे में दिक्कत आई थी। जिसे तुरंत तौल रोककर किसानों के सामने ठीक करा लिया गया। जिस ट्रॉली की तौल में समस्या थी उसका तुरंत समाधान किया गया और दूसरे कांटे से मिलान भी कराया गया। उन्होंने कहा कि मिल का कांटा शुद्ध है और धर्मकांटे से उसका कोई संबंध नहीं है।

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