पहले बेटी को पीट-पीटकर गाड़ी में डाला, फिर सिपाही से तहरीर लेकर लिख दिया गया मुकदमा

 रोडवेज चौकी पर पुलिस की दबंगई, पहले युवती से बदसलूकी, फिर भाई की बेरहमी से पिटाई
कांस्टेबल से लिखवाई गई मनगढ़ंत तहरीर, महिला थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप
 फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान की सच्चाई बुधवार दिन के दो बजे उस समय सामने आ गई, जब रोडवेज बस अड्डा चौकी पर पुलिस द्वारा एक नाबालिग युवती और उसके भाई के साथ की गई बर्बरता की परतें खुलने लगीं। पुलिस के मुताबिक रोडवेज बस अड्डे पर कांस्टेबिल यशवीर सिंह ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने प्रशांत राजपूत पुत्र विनोद कुमार को एक नाबालिग युवती के साथ बैठा देखा और टोंका। पुलिस का दावा है कि इस पर प्रशांत राजपूत ने अपनी बहन आकांक्षा को मौके पर बुला लिया और दोनों ने हंगामा किया। इसी आधार पर पुलिस बल से धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए दोनों भाई-बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पूरी कहानी पुलिस को शर्मसार करती है यदि ऐसा होता भी तो कोई अपनी सगी बहन को नहीं बुलाता। हकीकत इससे बिल्कुल उलट स्थानीय लोगों और पीडि़त पक्ष युवती से दुव्र्यवहार, भाई को पीटा, फिर झूठी कहानी गढ़ी, जिले में महिला पुलिस कप्तान फिर भी महिला की सरे बाजार हुई पिटाई, पुलिस की यह पूरी कहानी झूठी और गढ़ी हुई है। आरोप है कि सबसे पहले युवती से पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया, जब उसने विरोध किया तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके भाई प्रशांत राजपूत को बेरहमी से पीटा। इसके बाद युवती को भी हिरासत में ले लिया गया और मानसिक दबाव बनाया गया। उसका आईफोन भी छीन लिया और उसे उसकी मां के सामने बुरी तरह पीटा और फिर सबको थाना कादरीगेट में भी बंद किया जाकर। जब मामला पुलिस के खिलाफ बनता दिखाए, तब अपनी गर्दन बचाने के लिए कांस्टेबल से मनमानी तहरीर लिखवाकर पूरे मामले को पलट दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में महिला थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह पर खाकी का दुरुपयोग करने और युवती से दुव्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। मौके पर थाना प्रभारी दरोगा कपिल चौधरी भी अपनी फोर्स के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने मिलकर युवती और उसके भाई को डराया धमकाया। बचाव में गढ़ा गया फर्जी मुकदमा। जब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे, तो आनन फानन में पूरा मामला फैब्रिकेट कर युवती और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया, ताकि पुलिस की करतूतें उजागर न हों। घटना के बाद महिला संगठनों में भारी आक्रोश है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को लेकर महिला आयोग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात करेंगे। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि महिला थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह और उनके पति जो जिले में ही इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना कादरीगेट और कोतवाली सदर समेत महिला थाने पर बिना पैसे कोई काम नहीं होता, जिससे जिले की पुलिस की छवि लगातार धूमिल हो रही है। मिशन शक्ति पर बड़ा प्रश्नचिन्ह यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि जब महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर चल रही योजनाओं में ही पुलिस उत्पीडक़ बन जाए, तो आम नाबालिग युवती किससे न्याय की उम्मीद करे। गुरुवार को संबंधित थाना पुलिस ने भाई बहन को गिरफ्तार भी कर लिया है।

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