ग्राम पंचायत चेना की गौशाला बदहाली की कगार पर,जिम्मेदारों की अनदेखी ने खोली सरकारी दावों की पोल
हरदोई, समृद्धि न्यूज। जनपद की ब्लॉक टोडरपुर की ग्राम पंचायत चेना में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। शासन और प्रशासन की ओर से गौवंश संरक्षण के नाम पर किए जा रहे दावों के बीच इस गौशाला की बदहाली न केवल सरकारी योजनाओं की जमीन पर हकीकत बयान कर रही है, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौशाला में रहने वाले पशुओं के लिए न पर्याप्त छाया है, न पीने लायक शुद्ध पानी और न ही पौष्टिक चारा उपलब्ध है। गौवंशों के लिए सुरक्षा और देखभाल के मद में सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। गौशाला में न कोई केयरटेकर मौजूद है, न ही देखभाल के लिए कोई नियमित कर्मचारी नियुक्त किया गया है। ऐसी स्थिति में गौवंश दिन-रात खुले में पड़े रहने को मजबूर हैं और उनका जीवन पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत का प्रशासन गौशाला की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत चेना के प्रधान की गौवंश संरक्षण में रुचि न होने के कारण गौशाला की स्थिति लगातार बिगड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान कभी गौशाला का निरीक्षण करने नहीं आता,यहां तक कि पशुओं की संख्या, उनके लिए उपलब्ध चारा, पानी और देखभाल की स्थिति के बारे में भी उसे कोई जानकारी नहीं रहती।
ग्रामीणों ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि गौशाला में कई पशुओं की मृत्यु हो चुकी है,लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। ठंड के मौसम में पशुओं के लिए न बिछावन है,न छप्पर और न ही कोई सुरक्षित आश्रय। दिन में धूप और रात में ठिठुरन के बीच असहाय पशुओं की हालत देखकर ग्रामीण भी भावनात्मक रूप से आहत हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्राम पंचायत चेना की गौशाला के लिए सरकारी स्तर पर बजट जारी होने और योजनाएं लागू होने के बावजूद यह धन आखिर खर्च कहां हो रहा है? गोवंशों की वास्तविक स्थिति किसी भी निरीक्षण,रिपोर्टिंग या भू-लेख पर दर्ज नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान,सचिव,ब्लॉक स्तर के अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी सभी मौन हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर शासन गौशालाओं को सुविधाओं से सुसज्जित करने, पशुओं के लिए नियमित चारा-पानी की व्यवस्था कराने,स्वास्थ्य जांच और संरक्षित जीवन के लिए कई योजनाएं चला रहा है। दावों के अनुसार प्रदेश भर में गौशालाओं की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं,लेकिन चेना की गौशाला इस पूरी प्रणाली की जमीनी सच्चाई को उजागर कर रही है।
स्थानीय लोग प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं कि गौशाला में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
- नियमित केयरटेकर की नियुक्ति हो
- चारे की आपूर्ति पारदर्शी तरीके से हो
- शुद्ध पानी और छाया की व्यवस्था की जाए
- पशु चिकित्सालय की टीम नियमित विज़िट करे
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो गौवंशों की और भी मौतें हो सकती हैं।
ग्राम पंचायत चेना की गौशाला की वर्तमान स्थिति यह सवाल छोड़ जाती है कि यदि योजनाएं केवल कागज़ों पर चलेंगी और जिम्मेदार चुप रहेंगे तो गौशाला होने का उद्देश्य क्या रह जाएगा?
