धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर तीन करोड़ से अधिक की जमीन हथियाने का मामला
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में साक्ष्य व गावह के आभाव में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार ने समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत को दोष मुक्त कर दिया।
बीते 3 वर्ष पूर्व थाना मऊदरवाजा पुलिस को तत्कलीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटे लाल ने दी गयी तहरीर में दर्शाया था कि ग्राम पंचायत नूरपुर परगना पहाड़ तहसील सदर फर्रुखाबाद में स्तिथ वक्फ बोर्ड की भूमि है, जो कि 3.65 एकड़ पर अवैध रुप से कब्जा कर लेने का मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त वक्फ भूमि के अपंजीकृत वसीयत के आधार पर उर्मिला राजपूत पत्नी रामकृष्ण राजपूत निवासी गल्ला मण्डी फर्रुखाबाद जो सत्तारूढ़ की विधायक थी। कदाचित अपने प्रभाव का अनुचित प्रयोग करते हुए अपने पक्ष में वसीयत के आधार पर आदेश करा लिया था। इस सम्पूर्ण भूमि की कीमत 3 करोड़ 30 लाख 21 हजार रुपये होती है। इसी आधार पर इन्हे भू-माफिया घोषित किया गया था। पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 461 में विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मुकदमा विचारण के दौरान साक्ष्य के अभाव व संदेह के लाभ देते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार ने उर्मिला राजपूत को दोष मुक्त करार देते हुए निर्देश दिया है कि धारा 437ए के अनुपालन में 20 हजार रुपये की प्रतिभू व इतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बंध पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
