हर साल विदेशी शिपिंग कंपनियों को किराए में दिए जाते 6 लाख करोड़ रुपये
2047 तक हमें विकसित होना है तो भारत को आत्मनिर्भर होना ही होगा, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं
समृद्धि न्यूज। पीएम मोदी देश को आत्मनिर्भर बनाने के मिशन मोड में लगे हुए हैं। गुजरात के भावनगर में आज देशवासियों को उन्होंने इसकी जरूरत भी समझाई। उन्होंने चिप से शिप तक का मंत्र भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने गुजरात पहुंचने के बाद भावनगर में एक भव्य रोड शो किया और 34,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। भावनगर में पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी के कारण इस बार त्योहार की रौनक और बढ़ गई है। उत्सव के इसी माहौल में हम समुद्र से समृद्धि का महाउत्सव मना रहे हैं। इसके बाद पीएम ने हिंदी में भाषण देने के लिए भावनगरवासियों से क्षमा मांगते हुए कहा कि देश के सभी लोगों को जोडऩे के लिए वो हिंदी में भाषण दे रहे हैं।
#WATCH | Gujarat | PM Modi inspects an exhibition organised over ‘Samudra se Samriddhi’ to be inaugurated by him.
PM Modi will lay the foundation stone of multiple development projects worth over Rs 34,200 crore pic.twitter.com/NctfK8ybL6
— ANI (@ANI) September 20, 2025
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आज समुद्र को बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। थोड़ी देर पहले यहां पोर्ट लेड डेवलपमेंट को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उदघाटन किया गया है। देश में कू्रज टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए आज मुंबई में इंटरनेशनल कू्रज टर्मिनल का भी लोकार्पण किया गया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता…। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा। जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता… उतनी ज्यादा देश की विफलता। विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए… दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते। भावी पीढ़ी के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता है। 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत, इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब देश को अपने जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) को मजबूत करना चाहिए था, तब कांग्रेस सरकारों ने विदेशी जहाज किराए पर लेना ज्यादा बेहतर समझा। पीएम मोदी ने कहा कि इसके कारण भारत का अपना शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम लगभग खत्म हो गया और विदेशी जहाजों पर निर्भरता मजबूरी बन गई। उन्होंने कहा कि करीब 50 साल पहले भारत का लगभग 40 प्रतिशत व्यापार अपने ही जहाजों के जरिए होता था, लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 2047 तक हमें विकसित होना है तो भारत को आत्मनिर्भर होना ही होगा.. इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के बंदरगाह, वैश्विक समुद्री शक्ति के तौर पर देश के उदय की रीढ़ हैं, चाहे चिप (सेमीकंडक्टर) हों या शिप हमें इन्हें भारत में ही बनाना होगा। भारत हर साल विदेशी कंपनियों को दुनियाभर में सामान भेजने के लिए छह लाख करोड़ रुपये चुका रहा है, जो हमारे रक्षा बजट के लगभग बराबर है।
भारत को सबसे बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में इस पर 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। देश के समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक बहुत ऐतिहासिक निर्णय हुआ है.. अब सरकार ने बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में मान्यता दे दी है।
