समृद्धि न्यूज। इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 मौतों और 200 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में जांच जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर दूषित पानी मामले में अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये है। इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 मौतों और 200 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में जांच जारी है। सीएम मोहन यादव ने घटना को लेकर आयुक्त से जवाब मांगा है और अपर आयुक्त तथा प्रभारी अधीक्षण यंत्री पर एक्शन लिया है। वहीं, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय और पार्षद ने साजिश की आशंका जताई है। मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए। इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, हैरानी की बात ये है कि पिछले कई हफ्ते से शहर के कुछ इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही थी, वार्डवासियों द्वारा इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन नगर निगम के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, अंत में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पीने वाले पानी की सप्लाई में सीवर का पानी मिल गया, जिसकी वजह से 15 लोगों की मौत हो गई।
