ज्ञानेश कुमार होंगे नए मुख्य चुनाव आयुक्त

भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार होंगे. पीएम मोदी की अगुवाई वाली चयन समिति ने इन्हें अगला मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है. ज्ञानेश कुमार, राजीव कुमार की जगह लेंगे. राजीव कुमार का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद वो 65 साल की आयु में अपने पद से रिटायर हो रहे हैं.

देश के मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कार्यकाल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है, उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद देश को अब अगला मुख्य चुनाव आयुक्त मिल गया है। उनका नाम है ज्ञानेश कुमार। शनिवार को पीएम मोदी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति की दिल्ली में बैठक के बाद उनके नाम पर मुहर लग गई है। तीन सदस्यीय कमेटी में पीएम मोदी के अलावा कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हैं और इस तीन सदस्यीय कमेटी ने नए सीईसी के नाम पर फैसला लिया और सोमवार की रात कानून मंत्रालय ने नोटिस जारी करते हुए नए मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम की घोषणा की।

किन अहम फैसलों में शामिल रहे ज्ञानेश?

ज्ञानेश कुमार 1988 केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं. इनकी पहली पोस्टिंग पथानामथिट्टा जिले में उप-जिलाधिकारी के पद पर हुई थी. इन्होंने पहले संसदीय मामलों के मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में काम किया है.

उन्होंने गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ज्ञानेश कुमार ने 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी. ज्ञानेश कुमार ने लैंड रेवेन्यू, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट, एग्रीकल्चर जैसे कई विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाई है.

उन्होंने केरल में अलग-अलग पदों पर भी काम किया है. एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी के पद पर रहे. इन्होंने ने अडूर के उप-कलेक्टर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए केरल राज्य विकास निगम के प्रबंध निदेशक, कोचीन निगम के नगर आयुक्त के पद पर रहे. इनकी उम्र 61 साल है.

क्या है शैक्षिक योग्यता?

ज्ञानेश कुमार का जन्म 27 जनवरी 1964 को हुआ था. इन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. आईसीएफएआई हैदराबाद से बिजनेस फाइनेंस और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पर्यावरण अर्थशास्त्र का में पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था. उत्तराखंड कैडर के सुखबीर संधू के साथ चयन पैनल की ओर से दो चुनाव आयुक्त में से ज्ञानेश कुमार एक थे. नए मुख्य चुनाव आयुक्त को तीन भाषाओं का ज्ञान है, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू शामिल है.

कौन तय करता है नाम, कैसे होती है नियुक्ति

बता दें कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए उनकी नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल अधिनियम, 2023 को लागू किया है। इस नए अधिनियम के तहत देश के प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और पीएम द्वारा नियुक्त एक केंद्रीय मंत्री की तीन सदस्यीय समिति चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की सिफारिश करेगी। सिफारिश से पहले, एक सर्च कमिटी पांच नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी और फिर चयन समिति इनमें से एक नाम को तय करेगी।

इस नए अधिनियम के तहत तीन सदस्यीय चयन कमेटी के पास अधिकार है कि वो शॉर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवार या उससे अलग भी किसी अन्य कैंडिडेट के नाम की सिफारिश कर सकती है। इसके बाद चयन कमेटी तय किए गए नाम को राष्ट्रपति के पास भेजेगी। उसके बाद राष्ट्रपति इस कैंडिडेट के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे और फिर इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्त, निर्वाचन आयोग में अपने पद की शपथ लेगा और अपने कामकाज को संभालेगा।

क्या हैं जरूरी शर्तें, कितना मिलता है वेतन

  • कानून के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के लिए उम्मीदवार को भारत सरकार के सचिव-स्तर का अधिकारी होना चाहिए।
  •  मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों का वेतन सुप्रीम कोर्ट के जज के समान होता है।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 साल या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा।
  • सीईसी की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष और चुनाव आयुक्तों की 62 वर्ष होती है।

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