परीक्षा से पहले तनाव से कैसे बचें? ‘परीक्षा पे चर्चा’ में पीएम मोदी ने दिए टिप्स

‘परीक्षा पे चर्चा’ के आठवें संस्करण में पीएम मोदी ने देशभर से आए छात्रों को परीक्षा और जीवन से जुड़े कई टिप्स दिए. उन्होंने शुरुआत पोषण से की और उसके बाद रोबोट की तरह नहीं जीने, लिखने पर जोर देने और साथ ही डिप्रेशन को दूर भगाने के भी उपाय बताए. दरअसल, अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि छात्र गुमसुम रहने लगते हैं और किसी से ज्यादा बात नहीं करते. ऐसे में उनके अंदर डिप्रेशन घर कर जाता है, जो बाद में न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके घरवालों के लिए भी मुसीबत बन जाता है. पीएम मोदी ने इसी डिप्रेशन को दूर भगाने के लिए छात्रों को टिप्स दिए. पीएम ने छात्रों से कहा कि बचपन में अपने माता-पिता को हम हर बात बताते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे छात्र उनसे कटते जा रहे हैं. इसका नतीजा ये है कि वो धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले जाते हैं. इससे बचने का उपाय यही है कि आप अपने मन में कोई भी बात न रखें, बल्कि अपनी बातें अपने माता-पिता से खुलकर कहें और घर में मौजूद सभी सदस्यों से बात करने की कोशिश करें.

किताबी कीड़ा न बनने की सलाह

पीएम मोदी ने छात्रों को किताबी कीड़ा न बनने की सलाह दी, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जहां से भी ज्ञान मिले, उसे जरूर ले लेना चाहिए, इसमें पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि छात्रों को लिखने पर जोर देना चाहिए, हमेशा लिखने की आदत होनी चाहिए, चाहे उम्र कोई भी हो

 गलतियों से सीखें

पीएम मोदी ने कहा कि कक्षा 10 और 12 के लगभग 40-50 प्रतिशत छात्र असफल होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यही उनका अंतिम लक्ष्य है। स्कूल में या जीवन में सफलता और असफलता के बीच अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट खिलाड़ी दिन के अंत में अपनी गलतियों पर विचार करते हैं और उन पर काम करते हैं, छात्रों को भी यही करना चाहिए। उनके अनुसार, आपके अंक आपको नहीं, बल्कि आपके जीवन को दिखाते हैं।

टेक्नोलॉजी का सही उपयोग कैसे करें?  

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को टेक्नोलॉजी के सही उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी कोई खतरनाक तूफान नहीं है जो आपको गिरा देगा। इनोवेशन आपकी भलाई के लिए हैं। टेक्नोलॉजी का सही तरीके से इस्तेमाल करें और अपने समय को बर्बाद करने वाली गतिविधियों से बचें।

शिक्षकों और अभिभावकों को भी दिया खास संदेश

पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों को भी एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर बच्चा खास होता है, उनकी किसी दूसरे से तुलना मत करें। बच्चों के ऊपर प्रेशर मत डालिए। बच्चा खुद पहले से बेहतर करने और बनने की कोशिश करता है।

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