समृद्धि न्यूज। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी एक पूर्व कस्टम विभाग का अधिकारी है। आरोपी रोहित कुमार शर्मा उर्फ रोबिट, जो पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स में इंस्पेक्टर था को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह का नेटवर्क भारत, थाईलैंड और दुबई तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को जनकपुरी क्षेत्र में 13-14 अक्टूबर की दरमियानी रात जनक सिनेमा के पास से पकड़ा गया, जब वह ड्रग्स की खेप सौंपने जा रहा था। मौके से 44.42 लाख रुपये नकद, एक एसयूवी और एक स्कूटर भी जब्त किए गए। हाइड्रोपोनिक मारिजुआना सामान्य कैनाबिस से 10 गुना अधिक शक्तिशाली होती है और इसे वैज्ञानिक विधि से उगाया जाता है। यह ड्रग थाईलैंड से अंतरराष्ट्रीय पार्सलों के जरिये भारत लाई जाती थी और उच्च आय वर्ग में लोकप्रिय है। आरोपी रोहित कुमार शर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ले रखी है और वर्ष 2015 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में शामिल हुआ था। हालांकि 2019 में केरल के कन्नूर हवाईअड्डे पर तैनाती के दौरान उसे सोने की तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में राजस्व खुफिया निदेशालय ने उसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी आरोपी बनाया। विभागीय जांच के बाद उसे वर्ष 2023 में बर्खास्त कर दिया गया था। बताते चले कि इसका इस्तेमाल आमतौर पर हाई-प्रोफाइल पार्टियों और अमीर ग्राहकों द्वारा किया जाता है। युवा वर्ग इसे सिगरेट की तरह रोल करके या वॉटर पाइप (बॉन्ग) से पीते हैं। आरोपी के कब्जे से 21.5 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 27 करोड़ रुपये है।
