अपर जिलाधिकारी व मेला व्यवस्थापक ने संतों का माला पहनाकर किया स्वागत
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मकर संक्रांति के पर्व पर पर मेला श्रीरामनगरिया में बड़ी संख्या में साधु संतों ने अपने-अपने अखाड़ों की शोभायात्रा निकालकर हैरतअंगेज करतब दिखाये। निकलने वाले अखाड़ों की शोभायात्रा का मेला श्रीरामनगरिया के सचिव अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार व मेला व्यवस्थापक संजय मिश्रा ने सभी साधु संतों का माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं मेला कोतवाली प्रभारी ने भी सभी साधु संतों को माला पहनाकर स्वागत किया।
बुधवार को मकर संक्रांति के पर्व पर शोभायात्रा श्री पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़ा से शुरू हुई। महंत मोहनदास की अगुवाई में निकाली गई। इस यात्रा में महंत पैदल चल रहे थे। शोभायात्रा में सबसे आगे छोटे बच्चे ध्वज पताकाएं लेकर चल रहे थे। उनके पीछे ढोल बजाते संत और फिर करतब दिखाने वाले साधु थे। संतों ने लाठी, भाला, तलवार और बरछी जैसे अस्त्र-शस्त्रों से हैरतअंगेज करतब दिखाए। यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सडक़ के दोनों ओर संतों के दर्शन के लिए भीड़ जमा थी। यात्रा बाजार मार्ग से होते हुए प्रशासनिक मार्ग पर पहुंची। जहां मेला लिपिक ने साधुओं को माला पहनाकर स्वागत किया। इस निशान यात्रा में ठाकुर जी की पालकी भी शामिल थी। जिसे चार श्रद्धालु लेकर चल रहे थे। अखिल भारतीय वैष्णव संप्रदाय और अखिल भारतीय श्री पंच तेरहभाई त्यागी चतुर्थ संप्रदाय के संतों ने भी अपनी निशान यात्राएं निकालीं। निशानों की पूजा-अर्चना की गई और संतों की आरती उतारकर उनका स्वागत किया गया। परिक्रमा मार्ग से होते हुए यात्रा का समापन अखाड़े में हुआ। बताया राजस्थान से बड़ी संख्या में यहां साधु संत आए थे। इस अवसर पर महंत हरीशंकर दास, फूलनदास, गंगादास, कोतवाल, दीन दयाल दास, भोलादास, महंत सतीशदास, श्यामकिशोरदास, जगदीशदास, गोपालदास, लक्ष्मणदास, रामदास, बजरंगदास, हरिदास, नारायणदास, फलदास निर्मोही, विष्णुदास, वंशीवाले, ज्ञानदास, राजाराम, दयालदास और रामदास, नरेंद्रदास, महंत दंडी स्वामी शिवस्वरुप ब्रह्मचारी सहित कई प्रमुख संत मौजूद रहे।
मेला श्रीरामनगरिया में तीन अखाड़ों की निकली शोभायात्राएं, दिखाये करतब
