समृद्धि न्यूज। भारत ने बांग्लादेश से लगी अपनी संवेदनशील सीमा पर तीन नई सैन्य चौकियां स्थापित की है। इस कदम को भारत की सुरक्षा नीति में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सेना ने सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए तीन नए सैन्य ठिकाने स्थापित किए हैं। यह ठिकाने बामुनी, किशनगंज और चोपड़ा में बनाई गई हैं। यह सभी स्थान बांग्लादेश सीमा के करीब और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलिगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित हैं। यह कदम पिछले दिनों पाकिस्तानी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की बांग्लादेश यात्रा के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामे आया है जब रणनीतिक दृष्टि से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर भारत की सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं। मात्र 22 किलोमीटर चौड़ा यह इलाका, जिसे अक्सर चिकन नेक कहा जाता है, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से जोडऩे वाली एकमात्र कड़ी है। यहां किसी भी तरह की बाधा भारत के आठों पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से अलग कर सकती है, जिससे सैन्य आपूर्ति और अरबों के व्यापार पर असर पड़ सकता है। भारत ने सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई चौकियों को अपनी सीमा आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा बनाया। कुछ ही हफ्ते पहले बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने ढाका में पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी। पाकिस्तान की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के मुखिया मिर्जा आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 24 अक्तूबर को बांग्लादेश पहुंचे थे। इस दौरे में उन्होंने बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार-उज़-जमां से मुलाकात की थी और सैन्य सहयोग गहरा करने पर बातचीत की। मिर्ज़ा ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात की थी। यूनुस ने मिर्जा को आर्ट ऑफ ट्रायम्फ नाम की एक किताब भेंट की थी, जिसके कवर पेज पर छपे नक्शे में पूर्वोत्तर के हिस्सों को बांग्लादेश का भाग दिखाया गया था। बांग्लादेश के इस कदम के बाद देशभर में असंतोष था।
भारत ने बांग्लादेश से लगी सीमा पर बनाये तीन नए सैन्य ठिकाने
