समृद्धि न्यूज। भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में शांति भंग करने में कथित भारतीय भूमिका को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की पुरानी रणनीति है। भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में भारतीय हाथ होने के पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि यह इस्लामाबाद की अपनी अंदरूनी नाकामियों से ध्यान भटकाने की पुरानी चाल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान के दमन, कू्ररता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का रिकॉर्ड बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हर बार जब कोई हिंसक घटना होती है, तो बेबुनियाद दावे दोहराने के बजाय, उसे इस क्षेत्र में अपने लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दमन, कू्ररता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का उसका रिकॉर्ड जगजाहिर है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की तरफ से किए गए कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में कम से कम 15 पाकिस्तानी सैनिक और 92 आतंकवादी मारे गए। एक बयान में कहा गया है कि ये अभियान शनिवार को जातीय बलूच समूहों से जुड़े आतंकवादियों द्वारा कई जगहों पर हमले किए जाने के बाद शुरू किए गए थे। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान और पंजगुर और उसके आसपास आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देकर शांति भंग करने की कोशिश की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हर बार किसी हिंसक घटना के बाद इस तरह के निराधार आरोप दोहराने के बजाय पाकिस्तान को क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए। जायसवाल ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि वहां दमन, कू्ररता और मानवाधिकार उल्लंघनों का इतिहास जगजाहिर है।
बलूचिस्तान पर भारत ने पाकिस्तान को दिया दो टूक जवाब
