समृद्धि न्यूज। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत रूसी तेल पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंध को लेकर चिंतित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के पास पर्याप्त वैकल्पिक स्रोत हैं और भारत हर तरह की तेल आपूर्ति बाधा से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। सरकार ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने तेल और गैस जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर ना होकर, कई देशों से आयात करता है। हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा कि रूस से भारत जितना तेल और गैस एक क्वार्टर में खरीदता है, यूरोप के देश उससे कहीं ज्यादा आधे दिन में खरीदते हैं।
भारत ने गुरुवार को नाटो चीफ मार्क रूट की रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत सेकेंडरी टैरिफ लगाने की धमकी को खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि उसकी प्राथमिकता देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित करना है। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की घरेलू जरूरतें वर्तमान बाजार परिदृश्य और भू-राजनीतिक स्थितियों पर निर्भर करती हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों को दोहरा मापदंड अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी। रणधीर जायसवाल ने कहा हमने इस विषय पर रिपोर्ट देखी हैं और घटनाक्रम पर बारीकी से नजऱ रख रहे हैं। मैं दोहराना चाहता हूं कि हमारे लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस प्रयास में, हम बाजार में उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से निर्देशित होते हैं हम इस मामले में किसी भी दोहरे मापदंड के प्रति विशेष रूप से आगाह करते हैं।
घरेलू खोज और उत्पादन बढ़ा रहा भारत
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) की ओर से आयोजित सालाना सम्मेलन ऊर्जा वार्ता में पुरी ने कहा, भारत घरेलू तेल खोज और उत्पादन को भी तेजी से बढ़ा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा, मैं बिलकुल भी चिंतित नहीं हूं। अगर कुछ होता है तो हम उससे निपट लेंगे। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के चेयरमैन एएस साहनी ने कहा, अगर रूस से तेल आपूर्ति बाधित होती है तो भारत उस व्यवस्था की तरफ लौट सकता है, जो यूके्रन युद्ध से पहले लागू थी। उस समय रूस से आयात दो फीसदी से भी कम था।
नाटो चीफ ने भारत समेत 3 देशों को दी थी चेतावनी
भारत, चीन और ब्राजील को चेतावनी देते हुए नाटो चीफ मार्क रूट ने मंगलवार को कहा था कि इन तीनों देशों को मेरा विशेष रूप से यह प्रोत्साहन है कि अगर आप बीजिंग या दिल्ली में रहते हैं, या आप ब्राजील के राष्ट्रपति हैं तो आपको इस पर गौर करना चाहिए, क्योंकि यह आपको बहुत प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आगे कहा तो कृपया व्लादिमीर पुतिन को फोन करें और उन्हें बताएं कि उन्हें शांति वार्ता को लेकर गंभीर होना होगा, अन्यथा इसका ब्राजील, भारत और चीन पर व्यापक असर पड़ेगा। मार्क रूट ने चेतावनी दी कि अगर रूस यूके्रन के साथ शांति समझौता करने में विफल रहता है तो भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों को अमेरिका के दूसरे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इन देशों से राष्ट्रपति पुतिन पर युद्ध समाप्त करने के लिए गंभीर बातचीत करने का दबाव बनाने का आग्रह किया।
