फसल बीमा योजना में करोड़ों की अनियमितता

बैंक व बीमा कंपनी के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2024-25 में जनपद फर्रुखाबाद की दो ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जाँच में यह खुलासा हुआ है कि बिना भूमि वाले अपात्र किसानों को फसल बीमा क्लेम का भुगतान किया गया, जो योजना के स्पष्ट प्रावधानों का उल्लंघन है।
ग्राम पंचायत बल्लीपट्टी रानीगंज में कुल 15 किसानों को 25,15,048 की फसल बीमा धनराशि का भुगतान किया गया था। जाँच में पाया गया कि इनमें से 14 किसानों के पास संबंधित राजस्व ग्राम में कोई भूमि ही उपलब्ध नहीं है। शेष एक किसान के पास मात्र 0.026 हेक्टेयर भूमि पाई गई। जिसके सापेक्ष उसे देय 2,228.72 के बजाय 25,716 का भुगतान किया गयाए यानी 23,487.28 की अधिक राशि दी गई। इस प्रकार बल्लीपट्टी रानीगंज में कुल 24,89,332 की धनराशि अनियमित रूप से वितरित की गई। इसी प्रकार ग्राम पंचायत गुडऱा/जुदरा में 07 किसानों को 18,37,825 (अन्य आख्या अनुसार 1,87,825) की फसल बीमा धनराशि दी गई, जबकि जाँच में स्पष्ट हुआ कि इन सभी किसानों के पास भी संबंधित ग्राम में कोई भूमि उपलब्ध नहीं थी। प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के आदेश पर तहसील स्तरीय जाँच समिति गठित की गई। सहायक चकबंदी अधिकारी, लेखपाल चकबंदी, उप संचालक चकबंदी फर्रुखाबाद सहित अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जाँच आख्या एवं फसल बीमा कंपनी एग्रीफेस एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के परीक्षण में गंभीर गड़बडिय़ां सामने आईं। जाँच के दौरान संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों ने पोर्टल की धीमी गति और बार-बार लॉगआउट होने का हवाला देते हुए डाटा फीडिंग में बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से सहयोग लेने की बात स्वीकार की। उप कृषि निदेशक फर्रुखाबाद अरविन्द मोहन सिंह द्वारा प्रस्तुत अंतिम जाँच आख्या में यह निष्कर्ष निकाला गया कि फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि प्रवीण पाल, विकास कुमार व अरुण कुमार तथा बैंक ऑफ इंडिया (जलालाबाद, गनीपुर जोगपुर) आर्यावर्त बैंक (गांधी व अमृतपुर) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (मदनपुर (एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, फर्रुखाबाद के शाखा प्रबंधक व संबंधित कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर योजना के विपरीत कार्य किया। जाँच में इन सभी को फसल बीमा धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता तथा अपात्र किसानों को अनुचित लाभ पहुँचाने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। उप कृषि निदेशक ने संबंधित दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है। जाँच आख्या की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सीडीओ एवं कृषि निदेशक को भी प्रेषित की गई है।

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