उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्षिल के पास धराली में हुए विनाशकारी बादल फटने और उसके बाद हुए भूस्खलन से हुई गंभीर सडक़ दुर्घटनाओं को देखते हुए भारतीय वायु सेना ने प्रभावित क्षेत्र में एक जेसीबी मशीन पहुंचाने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। 5 अगस्त को बादल फटने से अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिससे बरतवारी, लिंचीगाड़ए गंगरानी, हर्षिल और धराली में प्रमुख सडक़ संपर्क टूट गए, जिससे यह क्षेत्र काफी हद तक दुर्गम हो गया।
मलबा हटाने और सडक़ संपर्क बहाल करने में सहायता के लिए जेसीबी मशीन पहुंचाई गई। भारतीय सेना ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्य तेज़ कर दिए हैं। जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर तैनात चिनूक और डप-17 हेलीकॉप्टरों का उपयोग मौसम की स्थिति के अनुसार कर्मियों, उपकरणों और फंसे हुए नागरिकों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए किया जा रहा है। हेलीकॉप्टर अभियानों में तेज़ी लाने के लिए मातली हेलीपैड आईटीबीपी पर एक तदर्थ विमानन अड्डा स्थापित किया गया है।
उत्तराखंड: रास्ते बंद होने के कारण चिनूक हेलीकॉप्टर से पहुंचायी गई जेसीबी
