प्रशासन की व्यवस्था पर जूना अखाड़ा ने उठाये कई सवाल

आधा दर्जन अखाड़ों को टीन शेड न मिलने पर जताया रोष
6 जनवरी तक व्यवस्था न सुधरी, तो संत करेंगे प्रदर्शन-सत्यगिरि महाराज
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रशासन की व्यवस्था पर जूना अखाड़ा के संतों ने सवाल खड़े किये हैं। संतों का कहना है कि प्रशासन भेदभाव कर रहा है। जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि महाराज ने रविवार को बैठक कर बताया कि मेले में तीन समितियां हैं। जिनके संतों के रहने, पानी, बिजली, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाती है, लेकिन प्रशासन द्वारा मदन पूनम गिरी महाराज, सागरपुरी नागा बाबा, छोटे भईया धर्म चेतना ब्रह्मचारी, महंत आनन्द गिरि महाराज, कुशवाह क्षेत्र आदि में अभी तक टीन शेड नहीं डलवाये गये हैं। जिससे संत समाज में काफी आक्रोश है। सत्यगिरि महाराज ने कहा कि प्रशासन द्वारा इन संतों के टीन शेड नहीं डलवाये गये, तो आगे का निर्णय जूना अखाड़ा स्वयं लेगा। सत्यगिरि महाराज ने विरोध जताते हुए कहा कि मेला रामनगरिया का कल उद्घाटन हुआ था, जबकि प्रशासन को जिस जगह नहीं बैठना चाहिए था उस जगह प्रशासन के आला अधिकारी बैठे हुए थे। वहां पर साधु संतों को जगह नहीं दी गई। जिससे कई साधु संत वापस लौट आए और हमारा विरोध एक आचार्य से चल रहा है। जिसके चलते प्रशासन ने उनसे ही दोबारा फिर आरती कराई। इसलिए कि मैं वहां ना आ पाऊं। मेले में साधु संतों का अपमान किया जा रहा है और यह अपमान साधु संत सहन नहीं करेंगे। अगर यही चलता रहा तो प्रशासन साधु संतों का आक्रोश झेल नहीं पाएगा। मेले में गंगा पूजन गंगा पुत्र आचार्य के द्वारा ही होना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। मैं मेले में कई वर्षों से आ रहा हूँ, लेकिन अभी तक साधु संतों का अपमान नहीं हुआ, लेकिन बीते दो वर्षों से लगातार साधु संतों का अपमान किया जा रहा है। ऐसी प्रशासन से उम्मीद नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि हम साधु संतों के बीच वह लोग भी साधु संत बनकर रह रहे हैं जिनके बच्चे और बीबी भी हैं। उन लोगों को साधु संतों की व्यवस्थाएं दी जा रही हंै और हम लोगों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो हम लोग आने वाले 6 तारीख को प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आक्रोश भरे लहजे में कहा कि अगर प्रशासन साधु संतों की व्यवस्थाओं को लेकर सुधार कर रहा है तो तो ठीक है, नहीं तो 6 तारीख को प्रदर्शन होने के बाद सीएम तक जाना पड़ा तो जाएंगे, लेकिन साधु संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि महाराज, रघुनाथ पुरी, शिवगिरी, दुर्वासा गिरी, कन्हैया महाराज रामताल, विपनपूरी, धर्मदेवपूरी, सागर पुरी, श्यामपुरी, शैलेंद्र गिरी, विरेंद्रपुरी, चंद्रमा गिरी, शंकर गिरी, सेवागिरी समेत बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहे।

मेला साधु-संतों का है, व्यवस्था प्रशासन की जिम्मेदारी: एडीएम

सभी साधु-संतों का किया गया है सम्मान, स्वयं देने गया था निमंत्रण
फर्रुखाबाद। मेला श्रीराम नगरिया के शुभारम्भ से पूर्व मेला परिसर में जितने भी साधु संतों के अखाड़े मौजूद है उन के सभी मुख्य महंतों को अपर जिलाधिकारी(न्यायिक)/मेला सचिव दिनेश कुमार ने स्वयं जाकर निमंत्रण कार्ड ससम्मान दिया और सभी ने स्वीकार किया। एडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि मेला परिसर में सभी साधु-संतों का सम्मान किया गया है। अब यदि कोई सम्मान न होने की बात कहकर विरोध प्रकट कर रहा है तो यह उनका स्वयं का अपना विचार है। मेला साधु-संतों का है, प्रशासन की केवल व्यवस्था की जिम्मेदारी है। जिससे किसी प्रकार की किसी को कोई असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी स्वयं सभी संतों से वार्तालाप करते रहते है। इस प्रकार की अभी तक कोई बात सामने नहीं आयी। मेला उद्घाटन के पश्चात देर रात तक मैं व जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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