कम्पिल, समृद्धि न्यूज। शोषितों, वंचितों और पिछड़ों के सशक्त स्वर, भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती ऐतिहासिक नगरी कम्पिल में अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय, समानता एवं समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
कार्यक्रम का आयोजन कम्पिल-इकलहरा बाईपास मार्ग स्थित भूरे श्रीवास्तव के प्रतिष्ठान पर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य वक्ता लालाराम शाक्य ने अपने संबोधन में कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य किया। कर्पूरी ठाकुर सादगी, ईमानदारी और सिद्धांतों पर आधारित राजनीति के प्रतीक थे। आज के समय में जब राजनीति में नैतिक मूल्यों की कमी देखने को मिलती है। ऐसे में उनके विचार और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने सदैव गरीब, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ी तथा सत्ता को सेवा का माध्यम माना। इस अवसर पर नंदराम सिंह शाक्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को अपनाकर ही एक समतामूलक, न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आत्मसात कर सामाजिक विषमताओं को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने कर्पूरी ठाकुर के पदचिह्नों पर चलने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। जयंती समारोह के माध्यम से सामाजिक चेतना, एकता और जनकल्याण का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुँचा। इस दौरान ऋषभ गुप्ता, सुरेंद्र सैनी, सुरेंद्र शाक्य, जसवीर श्रीवास्तव, प्रेम सिंह यादव, अनिल श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती
