दिल्ली शराब घोटाला केस में 4 साल बाद केजरीवाल-सिसोदिया बरी

समृद्धि न्यूज। दिल्ली शराब घोटाले केस में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई। 300 गवाह पेश किए गए, आरोपियों को सरकारी गवाह बनाकर पेश किया गया। इसके बावजूद कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की हजारों पन्नों की चार्जशीट को पूरी तरह खारिज कर दिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने 598 पेज के अपने विस्तृत आदेश में कहा कि मुख्य चार्जशीट (24 नवंबर 2022) और चार पूरक चार्जशीटों में अपराध का एक भी ठोस सबूत नहीं है। अदालत ने सीबीआई जांच को विरोधाभासी और हेरफेर से भरी बताते हुए जांच अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की। जज ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दस्तावेज गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते, अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा, और कोई आपराधिक साजिश का साक्ष्य नहीं मिला। इस फैसले ने केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
2022 में दिल्ली कथित शराब घोटाला सामने आने के बाद से अब तक सीबीआई इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। केस में 300 से ज्यादा गवाह पेश किए गए थे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना। उलटे कोर्ट ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सीबीआई के एक-एक आरोप कोर्ट में कैसे ध्वस्त हो गए? दिल्ली शराब केस में सीबीआई ने कुल 5 चार्जशीट दाखिल की। इनमें एक मुख्य और 4 पूरक चार्जशीट दाखिल कीग गई। सीबीआई ने सबसे पहला चार्जशीट 25 नवंबर 2022 को दाखिल की गई। इसके बाद सीबीआई ने अप्रैल 2023 और जुलाई 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। 2024 में इस केस में सीबीआई ने 2 चार्जशीट दाखिल की। कुल मिलाकर इस केस में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 1000 से ज्यादा पन्नों का चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की, केस में पहले 17 आरोपी बनाए गए थे, बाद में 23 आरोपी बनाए गए। जज ने सुनवाई के दौरान एजेंसी पर कई बार नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। हजारों पेजों में पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। फैसले में जेल में बिताए समय पर भी टिप्पणी की गई। अदालत ने नोट किया कि मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन हिरासत में थे। केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में जमानत दी थी। जज ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज चार्जशीट से मेल नहीं खाते। आरोप तय करने पर 12 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रखा गया था। इस केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के कविता और दुर्गेश पाठक जैसे बड़े राजनेताओं को भी आरोपी बनाया गया था। दिल्ली शराब केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच एजेंसी के पास थी, मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर-8 और अरविंद केजरीवाल को आरोपी नंबर-18 बनाया गया था।

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