हत्या के मामले में दो भाई सहित तीन को आजीवन कारावास

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। रंजिशन गोली मारकर युवक की हत्या कर देने के मामले में विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0 एक्ट, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह ने अभियुक्त विजय पाल, पंजाबी पुत्रगण मैकूलाल, रामपाल पुत्र कल्याण सिंह निवासीगण देवधरापुर कमालगंज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा व २५-२५ हजार के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।जानकारी के अनुसार थाना कमालगंज के देवधरापुर नगरिया निवासी इन्द्रपाल पुत्र रघुवीर दयाल ने २७ जुलाई २००२ को पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि मेरा भतीजा नेतराम उर्फ नेता ने शिवपाल की पत्नी को अगहन के महीने में बैठाया था, जो विधवा हो गयी थी। इसी बात पर शिवपाल का भाई विजयपाल एवं पंजाबी, रामपाल, रामदास रंजिश मानने लगे। आये दिन शराब पीकर गाली-गलौज करते थे। २५ जुलाई २००२ को उक्त लोगों से कहासुनी हो गयी थी। २७ जुलाई को मेरा भाई नत्थूलाल व भतीजा नेतराम तथा नन्हेलाल मिजीलाल अपने ट्यूबवेल पर जा रहे थे। रात्रि ८:३० बजे रोशनलाल के परवादी मेड़ के पास पहुंचे तो मेरा भाई नत्थू जो शराब के नशे में बड़बड़ाता जा रहा था। रोशन के मकान की छत पर पहले से विजयपाल, पंजाबी, रामपाल घात लगाये बैठे थे। पंजाबी ने अपनी १२ बोर बंदूक व रामपाल ने १२ बोर अधिया ने फायर कर दिया जो मेरे भाई नत्थूलाल के छाती पर लगी। गोली लगते ही भतीजा नेतराम व नन्हेलाल भागकर मेरे पास आये। मैं व मेरी पत्नी जैसे ही घर के बाहर आये, तभी उक्त लोगों ने हम लोगों पर फायर कर दिया तथा एक हथगोला फेंका। जिससे मेरी पत्नी नेमादेवी व भतीजा नेतराम घायल हो गये। आरोपीगण जानमाल की धमकी देते हुए भाग गये। मैं अपने भाई को उठाकर झोपड़ी लेकर आया, तब तक उसकी मौत हो गयी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार की कुशल पैरवी के आधार पर विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0 एक्ट, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह ने अभियुक्त विजय पाल, पंजाबी पुत्रगण मैकूलाल, रामपाल पुत्र कल्याण सिंह निवासीगण देवधरापुर कमालगंज को दोषी करार देते हुए धारा ३०२ में आजीवन कारावास व १५-१५ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा ३०७ में सात वर्ष का कारावास व ५-५ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा २५ में दो वर्ष का कारावास व ५-५ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर ६ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियुक्तों की सजाये साथ-साथ चलेगी। अभियुक्तों द्वारा जेल में बितायी गई अवधि को सजा में समायोजित की जायेगी। वहीं मुकदमा विचारण के दौरान रामदास की मौत हो गयी थी।

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