छिबरामऊ,समृद्धि न्यूज़। हज़रत मौला अली की यौमे बिलादत के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी अंजुमन मुस्लिम कमेटी, जामा मस्जिद, छिबरामऊ की जानिब से फातिहा का इंतिजाम किया गया I फातिहा के बाद हाफ़िज़ मुजीब साहब ने देश और दुनिया मे अमन और शांति के लिए दुआ की I अंजुमन मुस्लिम कमेटी के सदर जाहिद चिश्ती ने बताया की मौला अली को शेरे खुदा भी कहा जाता है मौला अली, हुज़ूर पाक के दामाद है I
मौला अली के बेटे इमाम हसन और इमाम हुसैन है I मौला अली ने हुज़ूर पाक के साथ हक़ और बातिल के लिए कई जंगे लड़ी और फतेह हासिल की I मौला अली ने अपना पूरा जीबन दीन की खिदमत मे लगा दिया I और मौला अली के बेटे इमाम हुसैन ने भी क़र्बला मे अपने बालिद मौला अली और अपने नानाजान के दीन की खातिर अपने जान कुर्बान कर दी I और तहा कयामत तक के लिए दीन-ए- इस्लाम को जिन्दा कर दिया इसीलिए सायार कहता है –
तेरी नस्ले पाक मे बच्चा- बच्चा नूर का, तू है अहले नूर I
तेरा सब घराना नूर का I
इस अवसर पर हाफिज मुजीब, नसीम, सानू मंसूरी, नदीम, शाहिद, लहिक, जीशान, अकरम, एहसान, शरीफ मुंशी, जावेद, जिलानी, तालिब, बबलूआदि लोग मौजूद रहे I
