विकास कार्यों में नहीं ले रहे रुचि, भुखमरी की कगार पर पहुंचे
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। डीसी मनरेगा के नकारात्मक रवैया से मनरेगा कर्मचारियों को बीते आठ माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। जिससे मनरेगा कर्मचारी विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं।
नवाबगंज विकास खंड क्षेत्र के समस्त ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य ठप्प सा हो गया है। जिसका मुख्य कारण डीसी मनरेगा रंजीत कुमार के नकारात्मक रवैया से जिले के मनरेगा कर्मचारियों को बीते आठ माह से मानदेय नहीं मिल पा रहा है। बताते चलें कि जनपद के समस्त विकास खंड कार्यालय में मनरेगा कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिसमें एक अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, एपीओ, एक मनरेगा सहायक तथा एक कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती की गई है। जिनके बलबूते सभी विकास खंड क्षेत्र के रोजगार सेवक अपने डिमांड लगाकर कार्यों को पाते हैं। वहीं से समस्त मनरेगा के कार्यों का फीडिंग कार्य होता है। दिन रात एक कर मनरेगा कर्मचारी अपने कार्य को अंजाम देते हैं, लेकिन भला अब यह कैसे होगा की जनपद के किसी भी कर्मचारी की डीसी मनरेगा रंजीत कुमार ना ही कंसलटेंसी भेज रहे हैं और ना ही उनको रेनवाल कर रहे है।ं जिसके चलते समस्त कर्मचारियों का आठ माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते मनरेगा कर्मचारी भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसे में कर्मचारी अब क्या करें। वह मन लगाकर कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। पहले तो कर्मचारियों ने विकास खंड पर आना ही छोड़ दिया है और आते हैं तो बिना पैसे के कैसे मन लगाकर कार्य करें। इसके लिए जनपद के उच्च अधिकारी तथा डीसी मनरेगा को उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए। जिससे कि उनको भुखमरी से राहत मिले। सभी कर्मचारी अपने बच्चों के पठन-पाठन कार्य में भी पैसा खर्च करते हैं और शहर में रहकर घर चलाना भी मुश्किल बात है, लेकिन मनरेगा के अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे कि मनरेगा कर्मचारियों की समस्या का समाधान हो सके।
आठ माह से मनरेगा कर्मचारियों को नहीं मिला मानदेय
