करहल : आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड मनोना गांव के पास शुक्रवार को दोपहर अचानक सायरन की तेज आवाज, पाइपलाइन से उठता धुआँ और लपटें स्थानीय लोगों के लिए चौंकाने वाला दृश्य बन गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और कुछ ने आग बुझाने की कोशिश भी की। लेकिन थोड़ी ही देर में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था। दरअसल, इंडियन ऑयल निगम, उत्तर भारत पाइपलाइंस आगरा द्वारा आयोजित लेवल-3 ऑफ-साइट आपातकालीन मॉक अभ्यास था। यह अभ्यास आगरा–गौरिया पाइपलाइन, करहल के पास, 77 किलोमीटर चेनिज पर किया गया।
इसका उद्देश्य था पाइपलाइन रिसाव जैसी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया का परीक्षण करना और संबंधित विभागों तथा स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करना। साथ ही आम जनता को सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारी के प्रति जागरूक करना भी इसका मुख्य लक्ष्य था। अभ्यास में एक काल्पनिक पाइपलाइन रिसाव और आग लगने का परिदृश्य तैयार किया गया। फायर फाइटिंग टीम ने पानी और विशेष फोम का उपयोग कर आग पर काबू पाया, वहीं मेडिकल टीम ने घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुँचाने और प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया। कार्यक्रम का नेतृत्व स्टेशन प्रभारी यज्ञेंद्र नामदेव ने किया, उनके साथ प्रबंधक कौशल उपाध्याय और प्रबंधक अजीत सिंह मौजूद रहे। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रबंधक सुशील ने म्यूचुअल सहयोगी के रूप में भाग लिया।
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे। सीओ/करहल और क्राइम इंस्पेक्टर करहल ने सुरक्षा और मार्ग व्यवस्था सुनिश्चित की। अग्निशमन विभाग और स्थानीय मेडिकल टीमें पूरे समय तैयार रहीं। एनआरपीएल आगरा के स्टेशन प्रभारी यज्ञेंद्र नामदे ने बताया कि यह पाइपलाइन हरियाणा के रेवाड़ी से कानपुर तक फैली हुई है और इसमें डीजल, पेट्रोल और मिट्टी का तेल सप्लाई होता है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन की सुरक्षा और निगरानी २४ घंटे की टीम द्वारा की जाती है, और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अगर पाइपलाइन से जुड़ी कोई घटना या रिसाव जैसी सूचना मिले तो तुरंत पुलिस और टोल-फ्री नंबर पर सूचना दें, जिससे समय रहते बचाव और सुरक्षा कार्यवाही की जा सके।
करहल में पाइपलाइन रिसाव की मॉक ड्रिल: सायरन और लपटों ने बनाया द्रश्य, बाद में खुलासा – यह मॉक अभ्यास था
